अपराध जगत के बाहुबली सियासी दंगल में दिखाएंगे दमखम

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जयपुर। (मोहम्मद अहमद ) साल के आखिरी में होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव इस बार महकमा पुलिस के लिए किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं होंगे। इसका कारण अपराध जगत में सुर्खियों में रहे कई बाहुबलियों का इस बार सियासी समर में दमखम दिखाने की ललक या अपने किसी परिवारजन को विधानसभा में पहुंचाने की चाहत है।

ऐसे में जब अपराध की डगर पर चलने वाले इन दबंगों से पुलिस पहले से ही आहत है तो उनके ‘समाजसेवा’ के नाम पर नई पारी खेलने की तैयारी चुनावों को प्रभावित नहीं कर पाए, इसके जतन कैसे किए जाएंगे, इसने महकमे में शीर्ष स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से सुनाई पड़ रही इस धमक को लेकर राज्य पुलिस अभी से आने वाले समय की चुनौतियों से निपटने की तैयारी में जुट गई है।

उत्तरप्रदेश और बिहार में जिस तरह से संगीन अपराध करने वाले बदमाश जेल से चुनाव लड़ते या उनके निकट रिश्तेदार चुनाव लड़ते हैं उसी तर्ज पर इस बार राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों में राज्य इतिहास में पहली बार अपराध जगत से जुड़े एक दर्जन से ज्यादा कुख्यात अपराधियों के परिजन या वे स्वयं अपना दमखम दिखने की तैयारी कर रहे हैं।

जिससे विधानसभा चुनावों में अपराधियों की धमक के साथ-साथ पुलिस प्रशासन के लिए नई परेशानी खड़ी होने जा रही है। उनमें से तीन तो इस समय सरपंच पद पर कार्यरत हैं। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार राज्य में ढाई माह बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में पहली बार अपराध जगत के चर्चित चेहरे जो लूट, हत्या के प्रयास, गैंगवार में शामिल, नकबजनी और वाहन चोरी जैसे अपराध से जुड़े शातिर अपराधी विधानसभा चुनाव के समर में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

जेल में बंद सुभाष मूंड से लेकर आनंदपाल के परिजन तक मैदान में कूदने को तैयार

इसको लेकर महानगर की पड़ताल में सामने आया कि कुख्यात गैंगस्टर आनन्दपाल सिंह की बेटी डीडवाना से चुनाव लडऩे की तैयारी कर रही है। इसके अलावा शातिर वाहन चोर हंसराज मीणा जिसके खिलाफ पचास से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं, उसकी पत्नी पदमपुरा गांव से इस समय सरपंच है।

टोडाभीम से निर्दलीय चुनाव लडऩे की तैयारी में है। सेवर जेल में बंद कुख्यात बदमाश सुभाष मूण्ड की पत्नी या मां के नागौर जिले की जायल विधानसभा सीट से चुनाव लडऩे की चर्चा गर्म है। मुकेश सौथलिया जिसके खिलाफ शराब तस्करी से लेकर मारपीट के कई मुकदमे दर्ज हैं, वह सीकर जिले के श्रीमाधोपुर विधानसभा सीट से चुनाव लडऩे की तैयारी में है। इस समय मुकेश सैथलिया सरपंच है और दूसरे नामों पर गौर करें तो बलराम हुड़ला दौसा जिले के हुड़ला गांव का रहने वाला है जिसने जेल में रहते हुए छह माह पहले जेल में ही चुनाव जीतकर सरपंच बन गया है।

इसके खिलाफ वाहन चोरी के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा करौली सवाईमाधोपुर जिले के शातिर बदमाश छप्पन मीणा की पत्नी सवाईमाधोपुर जिले के शाहदरा गांव से सरपंच है वह बामनवास विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में है। यह तो मात्र कुछ उदाहरण हैं इसके अलावा जेल में बंद कई हार्डकोर बदमाश इस बार विधानसभा चुनावों में किसी न किसी तरीके से ताल ठोकने की तैयारी कर रहे हैं।

जिससे इस बार के चुनावों में अपराधियों के चुनाव लड़ने से पुलिस के सामने आपसी रंजिश,गैंगवार की ज्यादा आशंका के चलते नया सिरदर्द बढ़ना तय है। सूत्रों के अनुसार हाल ही में जिलों में हुए निचले स्तर पर चुनाव पॉलिसी के तहत हुए परिवर्तन में नए पुलिस अधिकारीयों को ना तो इलाके पता हैं न ही कोई जानकारी हैं। जिसके चलते चुनावों के दौरान कानून व्यवस्था को लेकर नई परेशानी खड़ी हो सकती है।

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