अफगानिस्तान की सरकारी इमारत में आतंकियों ने बनाए 40 बंधक

काबुल। अफगानिस्तान के जलालाबाद में मंगलवार को एक सरकारी इमारत पर एक बंदूकधारी ने हमला किया। इसके बाद आत्मघाती हमलावर ने इमारत के प्रवेश द्वार पर खुद को उड़ा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों ने कहा कि हमलावर दर्जनों लोगों को बंधक बनाकर अपने साथ ले गए। इस हमले की फिलहाल किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, तालिबान ने एक बयान जारी कर हालिया सप्ताह में हुए हमलों में अपनी संलिप्पता से इनकार नहीं किया है। शहर पर हुए इन घातक हमलों को पूरा देश बल प्रयोग के रूप में देख रहा है। सुरक्षा बलों का कहना हैकि इन हमलों के पीछे आईएसआईएस का हाथ है।

दरवाजा खोलते ही की अंधाधुंध फायरिंग

ओबायदुल्ला नामक एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मंगलवार को काले रंग की कार में से तीन हमलावर उतरे।

उन लोगों ने ‘शरणार्थियों और प्रवासियों’ के भवन के प्रवेश द्वार को खींचा।

इसके बाद एक बंदूकधारी ने अंधाधुंध गोलीबारी करना शुरू कर दिया।

इनमें से एक हमलावर ने स्वयं को प्रवेश द्वार पर उड़ा लिया।

दो बंदूकधारियों ने इमारत में प्रवेश किया।

घटना के बाद क्षेत्र की दुकानें और सरकारी कार्यालय बंद कर दिए गए।

मुठभेड़ जारी…बढ़ सकती है मृतक संख्या

इसके कुछ मिनट बाद कार भी उड़ा दी। इसमें कई लोग घायल हो गए।

उन्होंने कई घायलों को वहां से निकलने में मदद की।

अधिकारियों ने बताया कि करीब आठ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हमलावरों से मुठभेड़ जारी है। ऐसे में मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।

सुरक्षा बलों ने क्षेत्र को बंद कर दिया है। सिर्फ बंदूकों और ग्रेनेड के विस्फोट की आवाजें ही सुनाई दे रही हैं।

साथ ही काले धुएं के बादल दिखाई दे रहे हैं।

इमारत में 40 लोग हैं बंधक

स्थानीय प्रांतीय परिषद् के सदस्य सोहराब कदेरी ने कहा कि इमारत के अंदर करीब 40 लोग बंधक बनाए हुए हैं।

करादी ने कहा कि एक बंधक ने सुरक्षा सेवाओं को बुलाया था।

उसने कहा था कि हमलावरों ने लोगों को स्थानांतरित करने का आदेश दिया था।

प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता अतातुल्ला खोग्यानी ने कहा कि

यह हमला शरणार्थी से सम्बंधित मुद्दों पर कार्य कर रहे एनजीओ के साथ एक बैठक के दौरान हुआ।

उन्होंने कहा कि इस विभाग के प्रमुख और कई अन्य लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है।

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