अमरूद के फल ही नहीं पत्ते भी होते है लाभकारी तो करेला प्रकृति का वरदान है

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अमरूद का फल ही नहीं पत्ते भी लाभकारी हैं। आइए जानते हैं इनके फायदों के बारे में।

दांतदर्द और मसूढ़ों की सूजन में आराम के लिए इसके 15-20 ताजा पत्ते पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो इसमें सेंधा नमक या फिटकरी मिलाएं और ठंडा होने पर कुल्ला करें।
अमरूद के पत्तों पर कत्था लगाकर चबाने से मुंह के छाले ठीक होते हैं।
माइग्रेन के दर्द में इसके पत्तों का लेप सूर्योदय से पहले माथे पर लगाने से आराम मिलता है।
गठिया रोगी इसके कुछ पत्तों को पीसकर दर्द वाली जगह पर लेप लगाएं। अमरूद के कुछ पत्तों को पानी में उबालें व इन्हें पीस लें। इस लेप को फुंसियों पर लगाने से आराम मिलेगा।
अमरूद के पत्तों से तैयार किए गए 10 ग्राम काढ़े को पीने से जी घबराने और उल्टी की समस्या नहीं रहती।

विशेषज्ञ की सलाह से खाएं करेला –
करेला प्रकृति का वरदान है जिसे डायबिटीज के मरीज को खाने की सलाह दी जाती है लेकिन इसे प्रयोग करने के संबंध में सावधानी बरतनी चाहिए। आइए जानते हैं इसके बारे में।

डायबिटीज के रोगी यदि ज्यादा मात्रा में करेले का प्रयोग करते हैं तो उनका ब्लड प्रेशर कम हो सकता है इसलिए इसके नियमित प्रयोग से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

गर्भवती महिलाओं को करेले का ज्यादा प्रयोग नहीं करना चाहिए इससे गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुंच सकता है। जो महिलाएं मां बनने के बारे में सोच रही हैं, वे करेले खाने से बचें क्योंकि इसके बीजों में मेमोरचेरिन तत्व होता है जो प्रेग्नेंसी में बाधक होता है।
करेले के अधिक इस्तेमाल से लिवर एंजाइम्स बढ़ते हैं जो धमनियों में अकडऩ को बढ़ा सकते हैं।

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