अमर सिंह की तूती बोला करती थी जब समाजवादी पार्टी में

नई दिल्ली: एक दौर था जब समाजवादी पार्टी (सपा) में अमर सिंह की तूती बोला करती थी और मुलायम सिंह अपने हर फैसले को लेकर उनकी ओर देखा करते थे | लेकिन वक्त बदला तो उनकी सियासत का रंग भी फीका पड़ता चला गया |

जब से सपा की बागडोर अखिलेश यादव के हाथों में आने के बाद अमर सिंह को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया | नेताजी के खासमखास रहे ये ठाकुर नेता अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैन बन चुके हैं | इसी का नतीजा है कि उन्हें अब भगवा रंग खूब भाने लगा है | रविवार को अमर सिंह लखनऊ में पीएम मोदी के कार्यक्रम में भगवा लिबास में नजर आए | इसके बाद उनके बीजेपी में जाने को लेकरसियासी अटकलें भी छिड़ गईं |

अमर सिंह की मर्जी के बगैर सपा में पत्ता भी नहीं हिलता था | लोकसभा और विधानसभा में टिकट से लेकर मंत्री बनाने तक का फैसला वे करते थे | नेताजी उन्हें अपना भाई बताते थे |

मुलायम के दौर में वे दिल्ली में पार्टी के लिए लॉबिंग करने और मीडिया से बेहतर तालमेल बिठाने का जिम्मा उठाते थे | यही वजह थी कि वे मुलायम के आंख के तारे थे |

जब सियासी बागडोर अखिलेश यादव के हाथों में आई तो वही अमर सिंह पार्टी की आंख में खटकने लगे |

सपा से निकाले जाने से बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियां भी उन्हें पंसद आने लगी | यही वजह है कि वक्त-बेवक्त अमर सिंह मोदी की शान में कसीदे पढ़ने लगे हैं |

60 हजार करोड़ रुपये की उद्योग परियोजनाओं के शिलान्यास के दौरान पीएम मोदी ने अमर सिंह का जिक्र करते हुए विपक्षी सरकारों के दौरान पर्दे के पीछे होने वाले कॉरपोरेट लॉबिंग पर निशाना साधा |

पार्टी बनाकर भी नहीं बनी बात:

राष्ट्रीय लोकमंच पार्टी का गठन इस्तीफे के बाद सपा प्रमुख मुलायम ने अमर सिंह को पार्टी से बर्खास्त कर दिया | अमर सिंह कुछ दिनों तक राजनीतिक रूप से निष्क्रिय रहे, हालांकि कुछ ही दिनों बाद उन्होंने अपनी पार्टी ‘राष्ट्रीय लोक मंच’ बनाई | इससे उन्हें कोई लाभ नहीं मिला |

इसके बाद 2014 का लोकसभा चुनाव उन्होंने आरएलडी ज्वाइन कर लिया और फतेहपुर सीकरी संसदीय सीट से मैदान में उतरे लेकिन वो जीत नहीं पाए | इसके बाद मुलायम सिंह से फिर उनकी नजदीकियां बढ़ी | मुलायम सिंह ने रामगोपाल और आजम खां की नाराजगी को नजर अंदाज करते हुए अमर सिंह को 2016 में राज्यसभा भेजा |

 

 

 

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