अमेरिका में एच-1बी वीजा के आवेदन 2 अप्रैल से

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वॉशिगटन। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से वीजा नियमों में परिवर्तन किया गया हैं। इन नियमों में एच1-बी वीजा के अन्तर्गत अस्थायी वीजा प्रदान किया जाता हैं। ट्रंप ने प्रतिभा का अनादर नही किया। इस वीजा के अन्तर्गत कंपनियों को दक्ष अमेरिकी कामगारों के अभाव वाले क्षेत्रों में कुशल विदेशी पेशेवर कामगारों को काम पर लेने की अनुमति देता है। इसका सर्वाधिक लाभ भारतीय आईटी कंपनियों को होता हैं।
प्रीमियम प्रोसेसिंग रद्द:
एक संघीय एजेंसी की घोषणा के अनुसार अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) विभाग 2 अप्रैल से एच-1बी वीजा के लिए याचिका स्वीकार करना शुरू कर देगा।  उसने अस्थायी रूप से वीजा के प्रीमियम प्रसंस्करण को रद्द कर दिया है, जो कि भारतीय पेशेवरों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। इस एच-1बी वीजा के गैर-प्रवासियों को अमेरिका में तीन साल तक काम करने की अनुमति मिलेगी। वहीं इस वीजा का टाइम पीरियड तीन साल के लिए और बढ़ाया भी जा सकता है, लेकिन 6 साल से अधिक नहीं हो सकता। अमेरिका हर साल 65 हजार एच1बी वीजा जारी करता है।
2019 के लिए आवेदन:
अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) विभाग के अनुसार एच1बी वीजा की आवेदन राजकोषीय वर्ष 2019 के लिए किया जाना है, जो कि 1 अक्टूबर 2018 से शुरू होने जा रहा है। सभी एच-1बी की याचिकाओं के प्रीमियम प्रसंस्करण का निलंबन जो किए एनअल कैप के अधीन है के 10 सितंबर 2018 तक समाप्त होने की संभावना है। इस अवधि में यूएससीआईएस ने कहा कि वह एच-1बी वीजा की उन याचिकाओं के लिए प्रीमियम प्रसंस्करण अनुरोध को स्वीकार करना जारी रखेगा, जो कि राजकोषीय वर्ष 2019 की कैप के अधीन नहीं है। विभाग ने कहा, ‘हम एच-1 बी के लिए प्रीमियम प्रोसेसिंग शुरू करने से पहले जनता को सूचित करेंगे।Ó

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