अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद पर शुक्रवार को सुनवाई हुई है | सुनवाई में सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से सीनियर वकील राजीव धवन कहते है, शिया वक्फ बोर्ड का इस मामले में बोलने का हक नहीं है | राजीव धवन ने आगे कहा, जैसे तालिबान ने बामियान को नष्ट कर दिया था. ठीक उसी तरह हिंदू तालिबान ने बाबरी मस्जिद को नष्ट कर दिया |

सुप्रीम कोर्ट में शिया वक्फ बोर्ड ने याचिका दाखिल की थी कि वो इस विवाद को शांति से सुलझाना चाहते हैं|

शिया वक्फ बोर्ड ने कहा था कि बाबरी मस्जिद का संरक्षक शिया है|

सुन्नी वक्फ बोर्ड या कोई भारत में मुसलमानों का प्रतिनिधित्‍व नहीं करते|

शिया यूपी सेंट्रल वक्‍फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा, ‘अयोध्या में उस जगह पर कभी मस्जिद नहीं थी|

वहां कभी मस्जिद नहीं हो सकती है| यह भगवान राम का जन्मस्थान है और वहां केवल राम मंदिर बनाया जाएगा|

पिछली सुनवाई में वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा था कि, ‘इस्लाम में मस्जिद की अहमियत है|

यह सामूहिकता वाला मजहब है. इस्लाम में नमाज कहीं भी अदा की जा सकती है|

सामूहिक नमाज मस्जिद में होती है| मस्जिद मजाक के लिए नहीं बनायी थी, हजारों लोग यहां नमाज अदा करते हैं|

यह विवाद लगभग 68 वर्षों से कोर्ट में है|

इस मामले से जुड़े 9,000 पन्नों के दस्तावेज और 90,000 पन्नों में दर्ज गवाहियां पाली, फारसी, संस्कृत और अरबी

सहित विभिन्न भाषाओं में दर्ज हैं |

2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले पर फैसला देते हुए 2.77 एकड़ की विवादित जमीन का एक तिहाई हिस्सा

हिंदू, एक तिहाई मुस्लिम और एक तिहाई राम लला को दिया था |

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