अल्पसंख्यक नेताओं को सता रहा जयपुर की एक सीट का डर

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जयपुर। विधानसभा चुनाव को लेकर अभी भले ही टिकट फाइनल नहीं हुए हों, लेकिन टिकट की दावेदारी को लेकर राजधानी जयपुर में जंग तेज हो गई है। दरअसल पिछले एक माह से कांग्रेस के सियासी गलियारों में अल्पसंख्यक वर्ग को दी जाने वाली आदर्शनगर और किशनपोल विधानसभा और हवामहल सीट चर्चा का विषय बनी हुई है।

चर्चा इस बात को लेकर है कि इस बार पार्टी अल्पसंख्यक वर्ग को एक ही सीट पर प्रतिनिधित्व देना चाहती है, इन अटकलों को इस बात से बल भी मिल रहा है कि अन्य समुदाय से आने वाले एक बड़े नेता आदर्शनगर में पूरी तरह से सक्रिय हैं और लोगों से संपर्क भी कर रहे हैं। तो वहीं किशनपोल में यही आलम है, जहां अन्य समुदाय के नेता पूरी तरह सक्रिय हैं।

जिसके बाद से ही कांग्रेस के अल्पसंख्यक नेताओं के होश उड़े हुए हैं। इसे लेकर पिछले दो दिनों से दोनों विधानसभा क्षेत्रों से टिकट की दावेदारी जता रहे अल्पसंख्यक नेता अलग-अलग बैठकें बनाकर रणनीति बनाने में जुटे हैं। शनिवार को जहां किशनपोल से जुड़े नेताओं की बैठक हुई थी, वहीं एक सप्ताह पहले आदर्श नगर से जुड़े अल्पसंख्यक नेताओं ने बैठक की थी।

बाहरी और अन्य को टिकट दिया तो करेंगे विरोध जानकारों की मानें तो रविवार को ईदगाह में आदर्शनगर से जुड़े अल्पसंख्यक नेताओं की बैठक हुई थी, जिसमें दो वर्तमान कांग्रेस पार्षदों सहित टिकट के लिए दावेदारी जता रहे स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बताया जाता है कि अगर पार्टी किसी स्थानीय अल्पसंख्यक नेता को टिकट देगी तो सभी उसके साथ हैं, अगर बाहरी नेता और अन्य समुदाय के नेता को अगर टिकट देगी तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। पार्टी को चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। वो इसलिए कि परिसीमन के बाद 2008 व 2013 के विधानसभा चुनाव में किशनपोल और आदर्शनगर से अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े कांग्रेस नेताओं को टिकट दिया गया था, लेकिन दोनों ही चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसी को आधार बता अन्य समाज के लोग अल्पसंख्यक वर्ग को एक सीट पर प्रतिनिधित्व देने की मांग कर रहे हैं।

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