असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) का अंतिम ड्राफ्ट जारी

नई दिल्ली: असम में आज नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) का अंतिम ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है. एनआरसी पर जारी ड्राफ्ट के अनुसार 2 करोड़ 89 लाख 83 हजार 677 लोगों को वैध नागरिक मान लिया गया है

वैध नागरिकता के लिए 3,29,91,384 लोगों ने आवेदन किया था, जिसमें 40,07,707 लोगों को अवैध माना गया | इस तरह से करीब 40 लाख लोगों को बेघर होना पड़ेगा | जिन लोगों को बेघर घोषित किया गया है, उनके बारे में कहा जा रहा है कि इनके कागजी कार्रवाई पूरी नहीं हुई हो, या फिर उन्होंने अपनी नागरिकता ठीक से साबित नहीं कर सके हों |

ऐहतियातन सीआरपीएफ की 220 कंपनियों को भी तैनात कर दिया गया है | एनआरसी मसौदे को लेकर पूरे राज्य में सुरक्षा के बेहद सख्त इंतजाम किए गए हैं |

ड्राफ्ट जारी हुआ :

उन्होंने बताया कि एनआरसी में उन सभी भारतीय नागरिकों के नाम, पते और फोटोग्राफ होंगे जो 25 मार्च, 1971 से पहले से असम में रह रहे हैं |

धारा 144 सात जिलों में लागू :
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए समूचे राज्य में सुरक्षा बढ़ा दी गई है | जिला उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को कड़ी सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है. बारपेटा, दरांग, दीमा, हसाओ, सोनितपुर, करीमगंज, गोलाघाट और धुबरी समेत 14 जिलों में सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी गई है |

असम एवं पड़ोसी राज्यों में सुरक्षा चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए केन्द्र ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 220 कंपनियों को भेजा है |

मुख्यमंत्री की बैठक :

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एनआरसी मसौदा जारी होने के मद्देनजर हाल में उच्चस्तरीय बैठक की और अधिकारियों को सतर्क रहने तथा मसौदे में जिन लोगों के नाम नहीं होंगे, उनके दावों एवं आपत्तियों की प्रक्रिया की व्याख्या एवं मदद के लिए कहा है | मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे एनआरसी मसौदा सूची पर आधारित किसी मामले को विदेश न्यायाधिकरण को नहीं भेजें |

फिर मिलेगा मौका जिनके नाम लिस्ट में नहीं :

उन्होंने कहा कि अगर वास्तविक नागरिकों के नाम दस्तावेज में मौजूद नहीं हों तो वे घबराएं नहीं, बल्कि उन्हें (महिला/पुरूष) संबंधित सेवा केन्द्रों में निर्दिष्ट फॉर्म को भरना होगा | ये फॉर्म सात अगस्त से 28 सितंबर के बीच उपलब्ध होंगे और अधिकारियों को उन्हें इसका कारण बताना होगा कि मसौदा में उनके नाम क्यों छूटे | इसके बाद अगले कदम के तहत उन्हें अपने दावे को दर्ज कराने के लिये अन्य निर्दिष्ट फॉर्म भरना होगा, जो 30 अगस्त से 28 सितंबर तक उपलब्ध रहेगा |

फॉर्म भरेंगे 28 सितंबर तक :

आवेदक अपने नामों को निर्दिष्ट एनआरसी सेवा केन्द्र जाकर 30 जुलाई से 28 सितंबर तक सभी कामकाजी दिनों में सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक देख सकते हैं |

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा पूरी प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार चल रही है | उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत लगातार इस प्रक्रिया की निगरानी कर रही है |

पहचान होगी अवैध रूप से रह रहे लोगों की :

यह कार्यक्रम डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट आधार पर है, यानी कि अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहले पहचान की जाएगी फिर उन्हें वापस उनके देश भेजा जाएगा | 1971 में बांग्लादेश के स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान वहां से पलायन कर लोग भारत भाग आए और यहीं बस गए | इस कारण स्थानीय लोगों और घुसपैठियों के बीच कई बार हिंसक झड़पें हुईं | 1980 के दशक से ही यहां घुसपैठियों को वापस भेजने के लिए आंदोलन हो रहे हैं |

पहला ड्राफ्ट जनवरी में आया :

बीते जनवरी माह में असम में सरकार ने नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) का पहला ड्राफ़्ट जारी किया था | इसमें 3.29 करोड़ लोगों में से केवल 1.9 करोड़ को ही भारत का वैध नागरिक माना गया है |

 

 

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