आरक्षण पर बोलकर भी बिनबोले हुए शिवराज सरकार के मंत्री

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नई दिल्ली। 2 अप्रैल को भारत बंद ने दलितों का एक आइना दिखा दिया। इस दौरान भारी हिंसा के बाद  विपक्ष ने लगातार केन्द्र सरकार को घेरा। भाजपा भी दलित वोटरो केा साधने में लग रही हैं। हालांकि शिवराज सरकार में मंत्री गोपाल भार्गव का ताजा बयान पार्टी के लिए मुसीबत बन सकता है।
90 फीसदी के स्थान पर 40 की नियुक्ति घातक:
भार्गव ने रविवार को नरसिंहपुर में ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि ‘यदि योग्यता को दरकिनार करके अयोग्य लोगों का चयन किया जाए, यदि 90 फीसदी वाले को बैठा दिया जाएगा और 40 फीसदी वाले की नियुक्ति की जाए तो यह देश के लिए घातक है।’ उन्होंने कहा इससे हमारा देश पिछड़ जाएगा। कहीं ब्राह्मणों के साथ अन्याय न हो जाए। यह प्रतिभा के साथ एक मजाक है और ईश्वर की व्यवस्था के साथ अन्याय हो रहा है।
बाद में बयान बदला:
लेकिन उन्हे लगा होगा कि इससे पार्टी की नाराजगी का सामना नही करना पड़ जाए तो उन्होने अपने बयान पर बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को राजनीतिक कारणों से तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह आरक्षण के घोर समर्थक हैं और उन्होंने अपने बयान में आरक्षण शब्द का कहीं प्रयोग नहीं किया। भार्गव के मुताबिक उनके 40 साल के राजनीतिक करियर में भी उन्होंने कभी आरक्षण शब्द का उल्लेख नहीं किया।

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