आसाराम की पूरी कहानी: 400 आश्रम-ट्रस्ट, सिर्फ तीसरी क्लास तक ही की पढ़ाई- पिता का कारोबार भी संभाला

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आसाराम का मूल नाम असुमल थाउमल हरपलानी है। आसाराम का परिवार मूलतः सिंध, पाकिस्तान के जाम नवाज अली तहसील का रहनेवाला था। जब देश आजाद हुआ और भारत-पाकिस्तान दो मुल्क बने तो उसी दौरान आसाराम का परिवार अहमदाबाद में आकर बस गया था। आसाराम के पिता लकड़ी और कोयले के कारोबारी थे।  आसाराम की ऑटोबायोग्राफी के मुताबिक, वो सिर्फ तीसरी क्लास तक ही पढ़ा। पिता के निधन के बाद कारोबार संभाला। हालांकि, इस काम में मन नहीं लगा।

जानकारी के मुताबिक, आसाराम ने 15 साल की आयु में घर छोड़ दिया था। बाद में गुजरात के ही भरुच के एक आश्रम में आ गए थे।
– लीलाशाह नाम के स्पिरिचुअल गुरु से दीक्षा ली। दीक्षा से पहले खुद को साबित करने के लिए 40 दिन तक साधना करनी पड़ी थी। 1964 में

अगस्त 2013 में एक नाबालिग ने आसाराम पर रेप का आरोप लगाया। घटना जोधपुर के आश्रम की बताई गई।
इस केस की एफआईआर दिल्ली में दर्ज कराई गई। दिल्ली पुलिस ने आसाराम को पूछताछ के लिए बुलाया। 31 अगस्त तक आसाराम पूछताछ के लिए नहीं आए। इसके बाद गैर जमानती वारंट जारी किए गए।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आसाराम इंदौर के आश्रम में रुके। पुलिस गिरफ्तार करने पहुंची तो समर्थकों से उसकी झड़प हुई। लेकिन, जोधपुर पुलिस ने 1 सितंबर को 2013 को आसाराम को अरेस्ट कर ही लिया।
अब तक 6 बार आसाराम की जमानत की अपील खारिज की जा चुकी है। नवंबर 2013 में पुलिस ने चार्जशीट दायर की। 2014 में सुनवाई शुरू हुई।
आसाराम के खिलाफ धारा 342, 376, 506 और 509 के तहत केस दर्ज हैं। इसके अलावा पॉक्सो एक्ट भी लगा है।

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