इंग्लिश के पेपर में स्पीड है सक्सेस मंत्रा

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स्टूडेंट्स को सब्जेक्ट्स के साथ सब टॉपिक्स भी पढऩे चाहिए। सवालों के आंसर देने के लिए सवाल को मिड में से पढऩा चाहिए, ताकि सवाल आसानी से समझ आ जाए।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेण्डरी एजुकेशन (CBSE) की ओर से डेटशीट जारी करने के साथ स्टूडेंट्स का फोकस भी स्टडी पर नजर आने लगा है। स्टूडेंट्स इन दिनों तैयारियों में जुटने लगे हैं। इस बार बोर्ड ने डेटशीट जनवरी से पहले ही जारी कर दी है। ऐसे में अब स्टूडेंट्स चाहते है कि वो पहले से ही ऐसी तैयारी करें, ताकि उनके स्कोर को बूस्ट मिल सके, अक्सर स्टूडेंट्स के मन में यह सवाल रहते है कि वो किस तरह की स्ट्रेटजी बनाए, जिससे उनका स्कोर डवलप हो। स्टूडेंट्स की इस दुविधा का समाधान करने के लिए पत्रिका ने एक खास सीरीज स्टार्ट की है।

टॉपिक के साथ सबटॉपिक का भी ध्यान रखे
एक्सपर्ट आशा मिश्रा का कहना है कि स्टूडेंट्स को सब्जेक्ट्स के साथ सब टॉपिक्स भी पढऩे चाहिए। सवालों के आंसर देने के लिए सवाल को मिड में से पढऩा चाहिए, ताकि सवाल आसानी से समझ आ जाए। फ्लैमिगों और विस्टा चैप्टर पर स्टूडेंट्स फोकस करें। सवालों के सिमबोलिक मीनिंग को समझने की प्रेक्टिस करें। हर टॉपिक और सब टॉपिक के पॉइंट्स को नोटडाउन करें।

एक्सपर्ट दिव्या सोबती ने बताया कि इंग्लिश के पेपर को स्टूडेंट्स ईजी लेते हैं। यही वजह होती है कि राइडिंग प्रेक्टिस नहीं हो पाती है। राइडिंग स्किल्स ना बढऩे के कारण उनका थॉट प्रोसेस भी डवलप नहीं हो पाता है।

स्पीड है सक्सेस मंत्रा
एक्सपर्ट अमिता शम्मी ने कहा कि एग्जाम में बैठने के साथ स्टूडेंट्स को एक लंबी सांस लेनी चाहिए। इसके बाद क्वेश्चन पेपर को पढऩा चाहिए। सबसे जरूरी है कि हम पेपर में पेराग्राफ को अंडरलाइन करें और फिर फोकस होकर उसका आंसर दे। इंग्लिश में स्पीड काफी इंपोर्टेंट है।

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