इंडोनेशिया में राहत, बचाव का काम बेहद मुश्किल

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इंडोनेशिया के सुलवेसू द्वीप पर दो दिन पहले आए विनाशकारी भूकंप के बाद छह मीटर की उंचाई तक उठी सुनामी की लहरें वापस समुद्र में लौट गई हैं, लेकिन अपने पीछे जो तबाही उन्होंने छोड़ी है उसकी पूरी भयावहता अभी सामने आना बाक़ी है.

अधिकारियों ने कम से कम 832 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है और ये संख्या हज़ारों में होने की आशंका ज़ाहिर की है.

भूकंप और सुनामी से प्रभावित सुलवेसू के सबसे बड़े शहर पालू में अभी भी लोगों के मलबे के नीचे से निकाला जा रहा है

मलबे का ढेर बन चुके एक होटल में फंसे साठ से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहतकर्मी दिन-रात एक किए हुए हैं लेकिन भारी उपकरण न होने की वजह से उनका काम और जटिल और मुश्किल हो गया है.

जो लोग बच गए हैं वो मुर्दाघरों और अस्पतालों में अपनों को तलाश रहे हैं. शहर की सड़कों और खुले मैदानों में राहत कैंप बन गए हैं.

अस्पताल ध्वस्त हो जाने की वजह से घायलों का इलाज खुले में ही किया जा रहा है. भूकंप और सुनामी ने एक ही झटके में लाखों लोगों की ज़िंदगी तहस-नहस कर दी है.

 

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