इंदौर में तेज बारिश, सड़कों से बहा पानी, कई हजार टन अनाज गीला

इंदौर। उत्तर भारत में आए आंधी-तूफान का असर मप्र के भी कई जिलों में दिखने लगा है। मंगलवार को इंदौर में मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से जारी तेज उमस के बाद दोपहर को शहर के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई। बारिश से जहां एक ओर आम जनता को तेज गर्मी से थोड़ी राहत मिली वहीं किसानों के लिए यह मुसिबत बनकर आई। मंडियों में रखा अनाज बारिश के कारण भीग गया। इससे पहले सोमवार रात मंडला, नीमच और मंदसौर जिले में आंधी और बारिश हुई। कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई है। तेज आंधी से कई जगह पेड़ गिर गए और मंडी में रखा हजारों टन अनाज भीग गया। मंडला में पेड़ गिरने से पांच लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी प्रदेश में इस प्रकार का मौसम बना रहेगा।

– मप्र में अचानक मौसम में आए बदलाव से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के बाद जहां उमस लोगों को परेशान कर रही हैै। वहीं आंधी और ओलावृष्टि ने कहर बरपाया है। आंधी से कई जगह पेड़ों के धाराशायी होने के साथ ही कई घरों की टीन भी उड़ गई।

– मंदसौर कृषि उपज मंडी में उपज की बंपर आवक जारी है। ऐसे में मंडी परिसर में लहसुन के ढेर लगने के बाद हजारों वाहन बाहर कतार में लगे हुए हैं। मौसम साफ होने से कई किसान उपज को बचाने के लिए पाल व अन्य साधन लेकर नहीं आए। शाम को मौसम बदला तो किसान कुछ तैयारी कर पाते उससे पहले हजारों क्विंटल उपज भीग गई। मंडी परिसर में 20 हजार क्विंटल से अधिक लहसुन गीली हो गई। वहीं बाहर वाहनों पर कई किसानों ने तिरपाल तो लगा दिए पर कई किसान कुछ नहीं कर सके।

– पाल्यामारु के किसान सोहनलाल पाटीदार ने बताया कि 15 क्विंटल लहसुन लेकर आया था। ढेर लगाया ही था कि पानी आ गया। सारी लहसुन गीली हो गई। अब इसके दाम भी मिलने की उम्मीद नहीं है। सैलाना के लक्ष्मण जाट ने बताया कि 20 क्विंटल लहसुन लाया था सभी भीग गई। किसानों का कहना है कि मंडी में लहसुन नीलामी की जगह शेड नहीं होने से नुकसान उठाना पड़ा।

– सहायक मैनेजर मनाेज नागदा ने बताया अचानक हुई बारिश में पिछली बार 2266 क्विंटल उपज भीग गर्इ थी और 22 बाेरा चना खराब हाे गया था। हम किसानाें का माल शेड के बाहर नहीं ढेर लगवा सकते। शेड छाेटा है अाैर हम्माल काम करने से मना कर रहे हैं। एेसे में दाे-तीन ट्रैक्टर का ताैल ही करा पाएंगे। फिर बाकी किसान विराेध करेंगे हालांकि हंगामे काे देखते हुए उन्होंने हम्मालों से बात कर वापस खरीदी शुरू करने का आश्वासन दिया तब किसान माने। खजूरी के किसान मुकेश अाैर धर्मेंद्र पाटीदार ने बताया 30 ट्रैक्टर का ताैल हाेना है। हम कल रात से अाए हैं अाैर खरीदी रोक दी।

इसलिए बने बारिश के आसार

– मौसम एक्सपर्ट एसके नायक ने बताया कि हरियाणा से लेकर उत्तर मध्य महाराष्ट्र तक एक नार्थ-साउथ ट्रफ लाइन बनी है। यह भोपाल सहित मप्र के पश्चिमी हिस्से से होकर गुजर रही है। हरियाणा से लेकर नागालैंड तक एक आैर ईस्ट- वेस्ट ट्रफ लाइन बनी है। इनकी वजह से बारिश, गरज-चमक के साथ तेज हवा, ओलावृष्टि एवं बारिश के आसार हैं।

पश्चिमी हिस्सों में मौसम ने मचाई तबाही

– रविवार को मौसम ने देश के उत्तर से लेकर दक्षिणी और पूर्व से लेकर पश्चिमी हिस्सों में तबाही मचाई। 24 घंटे के दौरान आंधी, तूफान और बारिश की वजह से हुए हादसों में छह राज्यों में 50 लोग मारे गए। 50 से ज्यादा लाेग जख्मी हुए। सबसे ज्यादा 18 मौतें उत्तरप्रदेश में हुईं। दिल्ली में 109 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चली। मौसम विभाग ने 50 किलोमीटर प्रति घंटे से चलने की बात कही थी। कई जगह पेड़ और खंभे गिरने से काफी नुकसान हुआ।

13 जून तक मानसून प्रदेश में दे सकता है दस्तक
– भीषण गर्मी के बीच यह राहतभरी खबर है कि मानसून तय समय 1 जून से एक हफ्ते पहले यानी 25 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है। मौसम केंद्र के न्यूमेरिकल वेदर प्रिडिक्शन के ऑपरेशनल एक्सटेंडेड रेंज फोरकास्ट में यह अनुमान जाहिर किया गया है।

– मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि भोपाल में मानसून 13 जून या उसके आसपास आ सकता है। उन्होंने बताया कि चार हफ्ते के लिए जारी इस फोरकास्ट में कहा गया है कि दूसरे हफ्ते में बंगाल की खाड़ी में दक्षिण-पश्चिमी मानसून सक्रिय रह सकता है। 15 मई के पास अंडमान निकोबार आ सकता है। तीसरे और चौथे हफ्ते में अरब सागर में मानसून में होने वाले सर्कुलेशन देखे जाने के आसार हैं।

– अनुमान में यह भी कहा गया है कि दक्षिण पूर्वी अरब सागर और उससे सटे केरल के क्षेत्र में यह एक्टिव रह सकता है। फोरकास्ट के अंत में यह निष्कर्ष है कि अंडमान रीजन और सदर्न टीप आफ इंडिया यानी केरल क्षेत्र में मानसून जल्दी आने का अनुमान है। शुक्ला ने बताया कि अरब सागर में सिस्टम बन रहा है। संकेत मिल रहे हैं कि हवा का रुख दक्षिण पश्चिमी होता जा रहा है।

 

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