इबोला पीडि़त ने बढ़ाई कांगो की टेंशन

कांगो। दुनियाभर में खौफ का पर्याय बना इबोला वायरस का खतरा फिलहाल मध्य अफ्रीका में कम हुआ है। मध्य अफ्रीका के एक बड़े शहर में इबोला वायरस का नया केस मिलने के बाद कांगो सरकार की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन को ऐसा भरोसा दिया गया है।

हालांकि, इस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि कांगो के लोकतांत्रिक गणराज्य के एक प्रमुख शहर में एक रोगी की पुष्टि होने के बाद इबोला का खतरा बढ़ गया है। क्योंकि, अन्य लोगों में भी इसके बढऩे की आशंका है। संगठन का कहना है कि ऐसा होने से कांगो में स्वास्थ्य सम्बंधी जोखिम बढ़ गए हैं, हालांकि, वैश्विक रूप से इबोला का खतरा कम हुआ है।

दूसरे शहरों पर भी बढ़ा खतरा

सूत्रों का कहना है कि करीब 15 मिलियन आबादी वाले मब्बाका शहर में इबोला पीडि़त की पुष्टि होने के बाद इसकी समीक्षा की गई।

इसमें पता चला कि इस शहर के आस-पास के क्षेत्रों में भी इस वायरस के फैलने की आशंका बनी हुई है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि मब्बाका जैसे बड़े शहर में इसकी पुष्टि होने के बाद कांगो के लोकतांत्रिक गणराज्य और पड़ोसी देशों के भीतर इबोला फैलने की आशंका बढ़ गई है।

नहीं फैलाना चाहते सनसनी

इस बारे में चिकित्सा शोधकर्ता हैंकन एंजेल बोल्कन ने कहा कि हम यह कहकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी प्रकार की सनसनी नहीं फैलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम अभी जोखिम मूल्यांकन की समीक्षा कर रहे हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि 4 अप्रेल और 15 मई के बीच इबोला के 21 संदिग्ध, तीन संभावित और तीन पुष्टि मामलों में 15 मौतें शामिल हैं। संगठन अपनी ओर से इबोला वायरस से लडऩे के लिए एक प्रयोगात्मक टीके की 7540 खुराक भेज रहा है और इससे पहले 4300 खुराक वो पहले ही भेज चुका है।

इनका इस्तेमाल मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है।

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