इस साल के टॉप 10 IPO में से 7 नुकसान में

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नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार साल 2018 में काफी उतार-चढ़ाव का गवाह बना है। रुपये के कमजोर होने, करेंट एकाउंट और फिस्कल डेफिसिट के मोर्चे पर स्थिति बिगड़ने, बॉन्ड यील्ड्स में तेजी, ब्याज दरों में बढ़ोतरी और महंगाई के सिर उठाने से जुड़ी चिंताओं का असर इस पर पड़ा है। इस वोलैटिलिटी ने इस साल लॉन्च किए गए आईपीओ के परफॉर्मेंस पर गहरा असर डाला है।

पहली जनवरी 2018 से 28 सितंबर 2018 के बीच एसएंडपी बीएसई आईपीओ इंडेक्स करीब 14.7 प्रतिशत लुढ़क चुका था। वहीं इसी दौरान बीएसई सेंसेक्स में 7.1 प्रतिशत की तेजी आई थी।

इस साल करीब 69 कंपनियों ने आईपीओ के जरिए 27900 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम जुटाई है। इस पैसे का 80 प्रतिशत हिस्सा महज 10 कंपनियों ने जुटाया। नियमित ट्रेडिंग वाली 47 कंपनियों (इन्हीं 69 में से) के शेयर प्राइस परफॉर्मेंस से पता चलता है कि इनमें से 60 प्रतिशत अपने इश्यू प्राइस से नीचे ट्रेड कर रही हैं।

इश्यू के आकार के हिसाब से टॉप 10 आईपीओ में से महज तीन कंपनियां अपने इश्यू प्राइस से ऊपर ट्रेड कर रही हैं। बंधन बैंक का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है। उसके बाद एचडीएफसी म्यूचुअल फंड और लेमन ट्री होटल्स का नंबर रहा। सबसे ज्यादा नुकसान वालों में आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, इंडोस्टार कैपिटल और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स शामिल हैं।
इन टॉप 10 आईपीओ के अलावा इंफ्लेम अप्लायंसेज ने अपने इश्यू प्राइस पर से 76 प्रतिशत ज्यादा रिटर्न देकर निवेशकों को हैरान किया है। यह स्मॉल कैप कंपनी है। इसका मार्केट कैप करीब 40 करोड़ रुपये है। यह कंपनी एलपीजी गैस/ स्टोव बनाने के कारोबार में है। इसके आईपीओ इश्यू का साइज 6.48 करोड़ रुपये था।

जिन 47 कंपनियों पर खास नजर डाली गई, उनमें सबसे बड़ी लूजर रही अशोका मेटकास्ट। यह अपने इश्यू प्राइस से करीब 75 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहा है। यह कंपनी अपने इश्यू प्राइस से 20 प्रतिशत नीचे लिस्ट हुई थी। अशोका मेटकास्ट एक स्मॉल कैप कंपनी है।

यह टीएमटी बार, एंगल, चैनल, एमएस बार जैसे स्ट्रक्चरल स्टील प्रॉडक्ट्स बनाने के धंधे में है। इसका मार्केट कैप 5.6 करोड़ रुपये है। इसके आईपीओ इश्यू का आकार 12 करोड़ रुपये का था।

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