उसे यह एहसास हो गया था कि हिंसा में कुछ नहीं रखा

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मल्कानगिरी के पुलिस अधीक्षक जगमोहन मीणा ने बताया कि इदे माडी (23) माओवादी गतिविधियों में सक्रिय थी. ‘उसने आत्मसमर्पण करने का निर्णय किया, क्योंकि उसे यह एहसास हो गया था कि हिंसा में कुछ नहीं रखा।’
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि माडी का समर्पण पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि और माओवादियों के लिए झटका है, क्योंकि यह पीएलजीए (पीपल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) सप्ताह के दौरान हुआ है. प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) रविवार से आठ दिसंबर तक यह सप्ताह मना रही है।
मीणा ने कहा कि माडी, जिले में पोडिया इलाके के सिलाकोटा गांव की रहने वाली है. वह हत्या समेत कई आपराधिक वारदात में संलिप्त रही. ओडिशा सरकार ने उसके सिर पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

उन्होंने बताया कि माडी को सरकार की समर्पण और पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता मिलेगी. उसे घर बनाने, शिक्षा और व्यापार या रोजगार के वास्ते प्रशिक्षण हासिल करने के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी।

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