एफएफजीएस सिस्टम से बाढ़ का पूर्वानुमान जारी कर सकेगा मौसम विभाग

नए सिस्टम के जरिए हम अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग बाढ़ का पूर्वानुमान जारी कर सकते हैं।
इसके लिए उनकी भौगोलिक स्थितियों के अध्ययन और वर्षा के पूर्वानुमान से मदद मिलेगी। 

नई दिल्ली। अभी केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) बाढ़ की चेतावनी जारी करता है। नए सिस्टम और मिट्टी के परीक्षण के आंकड़ों की मदद से भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) जल्द ही बाढ़ का पूर्वानुमान भी जारी कर सकेगा।

आईएमडी के महानिदेशक केजे रमेश ने कहा कि हम फ्लैश फ्लड गाइडेंस सिस्टम (एफएफजीएस) की मदद से इस सर्विस को लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं। आईएमडी के

महानिदेशक ने कहा, ‘नए सिस्टम के जरिए हम अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग बाढ़ का

पूर्वानुमान जारी कर सकते हैं। इसके लिए उनकी भौगोलिक स्थितियों के

अध्ययन और वर्षा के पूर्वानुमान से मदद मिलेगी।

इसके अलावा राज्य और जिला स्तर पर किसान संगठन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को भी

बचाव के लिए उचित दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।’ अभी मौसम विभाग केवल भारी बारिश की चेतावनी जारी करता है।

भविष्य में मिट्टी के परीक्षण के आधार पर बाढ़ का पूर्वानुमान भी जारी किया जा सकेगा।

राजस्थान और मध्यप्रदेश की मिट्टी में सोखने की क्षमता ज्यादा है,

यहां 10-20 सेंटीमीटर बारिश की वजह से बाढ़ आना मुश्किल है।

लेकिन, उत्तराखंड जैसे राज्यों में जहां कि मिट्टी कम पानी सोखती है,

वहां अगर इतनी ही बारिश होती है तो इसकी वजह से बाढ़ आ सकती है।

अभी मौसम विभाग बारिश का पूर्वानुमान जारी करता है।

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