एम्स में बढ़ी मरीजों की संख्या, बुजुर्गों का फुलाया दम

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी ने केन्द्र और दिल्ली सरकार को कई बार तलब किया और हर बार बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए उपाय करने को कहा है, लेकिन सरकार के उपाय अब तक नाकाफी ही साबित हुए हैं. दिल्ली में जिस तरह से प्रदूषण बढ़ रहा है उससे आने वाले दिनों में लोगों की दिक्कत बढ़ने वाली है.

देशभर से लाखों लोग अपने गांव-शहरों को छोड़कर दिल्ली में आते हैं पर आज दिल्ली की गिनती विश्व के चार सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में हो रही है. एक रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 4.6 करोड़ लोग वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियों( अस्थमा, एलर्जी) से ग्रसित हैं.

बिहार से आई शिवकुमारी के करीब 6 साल से एम्स के चक्कर लग रहे हैं. पति का 3 बार दिल का ऑपरेशन हो चुका है, लेकिन 3 दिनों से बढ़ते प्रदूषण और गर्मी से इन्हें दोहरी मार पड़ रही है. इन्हें न केवल आने जाने में दिक्कत हो रही है बल्कि सबसे ज्यादा तकलीफ सांस लेने में हो रही है.

ऐसी ही एक और मरीज हैं विमला देवी. विमला का तो प्रदूषण ने बुरा हाल कर दिया. विमला के घर के छोटे बच्चे बीमार हैं उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो गई है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन की 1989 की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली प्रदूषण के मामले में विश्व में चौथे स्थान पर था पर आज हालात ऐसे हो गए हैं जो बताते हैं कि, सऊदी अरब में रियाद के बाद दिल्ली दुनिया में सर्वाधिक प्रदूषित शहर है. दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का बड़ा कारण तेजी से बढ़ रही वाहनों की संख्या है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

loading...