एसएमएस अस्पताल में सांस रोगियों पर दोहरी मार, नहीं मिल रहे नि:शुल्क मॉस्क

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जयपुर। एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी में इन दिनों संास की बीमारी का इलाज करवाने वाले बुजुर्ग मरीजों को दोहरी परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। दरअसल एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी के नि:शुल्क दवा काउंटर पर 25 दिन से मॉस्क नहीं हंै। ऐसे में अस्पताल आने वाले ज्यादातर मरीजों को नि:शुल्क मॉस्क बाहर से खरीदने के लिए कहा जा रहा है। अस्पताल के बाहर स्थित सांस की बीमारी का मॉस्क 250 रुपए का आ रहा है।

ऐसी स्थिति में संास की बीमारी के मरीज प्रतिदिन परेशान हो रहे हैं। उनका कहना है कि निशुल्क काउंटर पर मॉस्क उपलब्ध होना चाहिए ताकि मरीजों को बाहर से मॉस्क खरीदने के लिए परेशान नहीं होना पड़े। जानकारों की मानें तो सांस की बीमारी से पीडि़त बुजुर्ग मरीजों को समस्या बढऩे पर तत्काल नेबुलाइजेशन की आवश्यकता होती है।

जिससे कि उन्हें सांस लेने में आसानी हो। परिजन ऐसे में बुजुर्ग मरीजों को लेकर एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी में आ रहे हैं। लेकिन नेबुलाइजेशन के लिए मिलने वाले मॉस्क के लिए निशुल्क दवा काउंटर पर मरीजों को कहा जाता है कि मॉस्क की सप्लाई बंद है। वहीं सांस की बीमारी से पीडि़त मरीजों को हर बार एक नए मॉस्क आवश्यकता होती है। ऐसे में मॉस्क नहीं मिल पाने की वजह से वे परेशान हो रहे हैं।
बाहर से खरीदने में करनी पड़ रही जेब ढीली

दरअसल सांस रोगियों के लिए मुख्यमंत्री योजना के तहत मॉस्क निशुल्क उपलब्ध होता है। लेकिन सरकारी काउंटरों पर बीते 25 दिन से मॉस्क नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में निर्धन गरीब मरीजों को बाहर से ही सांस के लिए उपयोग में लिए जाने वाले मॉस्क खरीदने पड़ रहे हैं। बाहर से खरीदने पर यह मॉस्क 250 रुपए का आता है। ऐसे में अस्पताल में सांस रोगियों की परेशानी बढ़ रही है। और अस्पताल के बाहर निकलते ही लपकों का डेरा रहता है। जो मरीजों को दवाइयां और सामान अपनी दुकानों से खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। ऐसे हालात में मरीज परिजन दोनों ही परेशान हो रहे हैं। जिसे कोई नहीं देख रहा है।

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