एसएमएस अस्पताल में 15 साल पुरानी दो लिफ्ट होंगी रिप्लेस, तीन नई और लगेंगी

महानगर संवाददाता
जयपुर। एसएमएस अस्पताल में 15 साल पुरानी लिफ्टों को जल्दी ही रिप्लेस कर उनकी जगह नई लिफ्ट को लगाया जाएगा। अस्पताल प्रशासन की मानें तो एसएमएस अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग और बांगड परिसर में एक -एक पुरानी लिफ्ट लगी है। जिनको रिप्लेस कर उनकी जगह नई लिफ्ट को लगाया जाएगा।

इसके साथ ही साउथ विंग में एक और नई लिफ्ट लगाई जाएगी ताकि

एसएमएस अस्पताल में आने वाले मरीजों को इलाज के दौरान परेशानी का

सामना नहीं करना पड़े। अस्पताल प्रशासन की मानें तो लिफ्ट को रिप्लेस करने

का काम सितंबर माह तक पूरा कर लिया जाएगा। ताकि मरीज लिफ्ट की

सुविधा का पूरा लाभ ले सके । गौरतलब है कि काफी पुरानी लिफ्ट होने के

कारण ये लिफ्ट आए दिन खराब हो जाती हैं, ऐसे में अस्पताल आने वाले

मरीजों को रैम्प या फिर सीढिय़ों के माध्यम से वार्डों तक जाना पड़ता है। गंभीर

मरीजों को इस दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिसे देखते

हुए अस्पताल प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। अस्पताल प्रशासन की मानें तो

जल्दी ही लिफ्टों को रिप्लेस करने का काम शुरू कर दिया जाएगा, इस दिशा में

सभी प्रयास किए जा रहे हैं।

अस्पताल प्रशासन ने बनाई योजना, अब नहीं होंगे मरीज लिफ्ट के लिए

परेशान

तीसरे माले तक जाएगी दो नम्बर की लिफ्ट, होगा एक्सटेंशन

मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी के पास लगी 2 नम्बर की लिफ्ट का एक्सटेंशन

किया जाएगा। अभी यह लिफ्ट गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी वार्ड तक ही जाती है। ऐसे में

एसएमएस अस्पताल में नए फेब्रीकेडेट वार्ड के बन जाने के कारण इस लिफ्ट

का एक्सटेंशन किया जाएगा। यह लिफ्ट अब तीसरे माले तक जाएगी ताकि

मरीजों को नए वार्ड में जाने की सुविधा मिल सके। अस्पताल सूत्रों का कहना है

कि एक्सटेंशन काम के चलते मेडिकेयर सोसायटी वाली लिफ्ट को काफी समय

से बंद कर दिया है, ऐसे में मरीजों को रैम्प का सहारा लेना पड़ रहा है। बुजुर्गों

और गंभीर मरीजों को इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानियां हो रही हंै। इस

मामले में अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इसका प्रस्ताव बनाकर सरकार

को भेजा गया है। जिसकी स्वीकृति आना बाकी है। सेंक्शन आते ही लिफ्ट का

काम जल्दी ही पूरा लिया जाएगा। ताकि अस्पताल आने वाले मरीजों को लिफ्ट

की सुविधा मिल सके।

इन स्थानों पर है नई लिफ्ट की ज्यादा मांग: नेफ्रोलॉजी विभाग, साउथ विंग में, बांगड परिसर।

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