ऐसा हुआ तो येद्दि ही रहेंगे 5 साल सीएम

नई दिल्ली। कर्नाटक में भाजपा और कांग्रेस की ओर से सत्ता के संघर्ष को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला दिया। कोर्ट ने येद्दियूरप्पा को शनिवार शाम 4 बजे तक का समय दिया गया है। हालांकि, येद्दि के वकील मुकुल रोहतगी ने 7 दिन का समय मांगा था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया।

अब चूंकि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक येद्दियूरप्पा को विधानसभा में शनिवार शाम 4 बजे बहुमत साबित करना होगा।

ऐसे में येद्दि के पास अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने के क्या हैं ऑप्शन?

कांग्रेस और जेडीएस की क्या रहेगी रणनीति,

जिससे भाजपा फ्लोर टेस्ट में हो जाए फेल…जानिए विस्तार से?

…भाजपा के पास दो विकल्प

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कर्नाटक विधानसभा में 224 सीट हैं।

जेडीएस के कुमार स्वामी दो सीटों पर चुनाव जीते हैं, ऐसे में उन्हें एक सीट छोडऩी होगी। ऐसे में बहुमत का आंकड़ा घटकर 111 सीट का हो जाएगा। अब चूंकि भाजपा के पास 104 सीट ही हैं।

ऐसे में यदि फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस और जेडीएस के 15 विधायक अनुपस्थित रहते हैं तो यही बहुमत का आंकड़ा घटकर 104 विधायकों का ही रह जाएगा। चूंकि, भाजपा के पास 104 विधायक हैं,

ऐसे में उसे फ्लोर टेस्ट में दिक्कत नहीं आएगी।
दूसरा विकल्प यह है कि भाजपा कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को तोड़ ले और अपनी तरफ मिला ले,

तो भी वह फ्लोर टेस्ट में पास हो सकती है।

यानी भाजपा के येद्दियूरप्पा के पास 28 घंटे हैं, उसके बाद ही पता चलेगा कि उनकी सरकार चलेगी या फिर कुर्सी खिसकेगी।

एक-दूजे पर वार

वहीं कांग्रेस और जेडीएस का कहना है कि भाजपा के येद्दियूरप्पा की कुर्सी महज कुछ घंटों बाद ही जानी है और जेडीएस के कुमारस्वामी कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे।

भाजपा के प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि भाजपा शनिवार को फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है,

कांग्रेस के दानिश ने कहा कि कुछ ही घंटों की है यह सरकार।

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