ऑस्ट्रेलिया ने गश्ती जहाज भेजने का लिया फैसला

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सिडनी । उत्तर कोरियाइ जहानों की निगरानी के लिए ऑस्ट्रेलिया ने सैन्य विमान भेजने का फैसला लिया है। ऑस्ट्रेलिया की रक्षा मंत्री मारिसे पेनी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिबंधों का उल्लंघन कर प्रतिबंधित सामग्री को समुद्र में वितरित करने वाले उत्तर कोरियाइ जहाजों पर नजर रखने के लिए एक सैन्य गश्ती विमान को भेजा जाएगा। ऑस्ट्रेलिया की यह घोषणा ऐसे वक्त में आई है जब कल (शुक्रवार) ही कोरियाइ प्रायद्वीप को परमाणु मुक्त बनाने के लिए उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के नेताओं के बीच शिखर वार्ता हुई है। वहीं, मई अंत या जून शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग उन के बीच भी मुलाकात होने वाली है। हालांकि ट्रंप ने मुलाकात से पहले यह साफ किया है कि वे मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर प्योंगयांग (उ.कोरिया) पर दबाव बनाए रखेंगे।
 निगरानी में होंगे उ.कोरियाइ जहाज:
गौरतलब हैं कि अमेरिका सहयोगी ने उत्तर कोरिया पर आर्थिक और राजनयिक दबाव बनाए रखने का ऑस्ट्रेलिया से वादा किया है। कहा जा रहा है कि उत्तर कोरियाइ जहाजों पर प्रतिबंधित हथियार सामग्री और अन्य सामान लदा रहता है जिन्हें वह समुद्र में अपने सहयोगी देशों को भेजा करता है। आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मेलकम टर्नबुल और विदेश मंत्री जुली बिशप का कहना है कि उत्तर कोरिया पर दबाव बनाया जाना जरूरी है ताकि कोरियाइ प्रायदीप को परमाणु हथियारों से मुक्त रखा जा सके। इसी दौरान जापानी रक्षा सूत्रों ने कहा है कि आस्ट्रेलिया और कनाडा अपने गश्ती सैन्य विमान भेजेगें और दक्षिण जापान के अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ब्रिटेन की तरफ से एक सैन्य जहाज भेजा जाएगा ताकि समुद्र में प्रतिबंधित सामग्री के वितरण पर निगरानी रखी जा सके।

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