कचरागाह की आड़ में चल रहा देह व्यापार

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विजय सैन @ जयपुर। राजधानी के आमेर थाना इलाके में स्थित मथुरादासपुरा कचरागाह की आड़ में पीछे की तरफ सूनसान जगह पर बने हुए करीब 18 छोटे-छोटे मकानों में इन दिनों जिस्मफरोशी का धंधा जोरों पर चल रहा है।

ताज्जुब की बात ये है कि जिस जगह पर ये काला धंधा फल-फूल रहा है, वहां से कुछ दूरी पर ही हटवाड़ा पुलिस चौकी और करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर जामड़ोली पुलिस चौकी स्थापित है।

इन चौकियों को देखकर कहने में कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि सारा खेल मौन सहमति अथवा

मिलीभगत से चल रहा है। पिछले कई महीनों से चल रही इस तरह की अनैतिक गतिविधियों के बारे में स्थानीय लोगों ने पुलिस को कई बार सूचना दी, पर इन पर अभी तक पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई देखने को नहीं मिली है।

जिस्मफरोशी के इस धंधे में मुंबई, दिल्ली, सवाई माधोपुर एवं अन्य जगहों से लाई गई लड़कियां और दलाल ज्यादातर नाबालिग हैं।
संवाददाता की पड़ताल में सामने आया सच देखने लायक था।

जिस्मफरोशी वाली जगह पर ग्राहकों की भीड़ धंधे के जोरों से चलने की तरफ साफ इशारा कर रही थी। यही नहीं काफी वीआईपी ग्राहक वहां अपने चौपहिया वाहन से पहुंचते हैं,

जो कि दलालों के मार्फत लड़कियों को गाड़ी में ही बुलाकर खुद को संतुष्ट करते हैं। यही नहीं दलाल ग्राहक के आने पर सभी लड़कियों को एक लाइन में खड़ा करवाकर उसे पसंद करने का इशारा करते हैं।

जिस लड़की को ग्राहक ने छू लिया वो उसके साथ हो जाती है। इन सभी कामों के लिए दलाल अच्छा खासा कमीशन ग्राहक से ले लेता है। दलालों में भी अधिकतर नाबालिग हैं।

अधिकतर लड़कियां नाबालिग

मथुरादासपुरा में चल रहे इस जिस्मफरोशी के धंधे में करीब 40 से 45 लड़कियां सक्रिय है। जिनमें से करीब बीस लड़कियां नाबालिग हैं। जिनकी उम्र महज 14 से 16 साल के बीच है।

ग्राहकों के आने पर लड़कियां उन्हें चारों तरफ से घेरकर अपने साथ ले जाने का प्रयास करती हैं।

लेकिन ग्राहक उनमें से पसंद करके लड़की अपने साथ ले जाता है।

18 मकान तैयार, नवनिर्माण जारी

महानगर संवाददाता ने मौके पर जाकर देखा तो वहां पहले से हटनुमा करीब 18 मकान तैयार हैं, जिनमें 8 गुणा 6 की करीब 30 छोटी-छोटी कोठरियां बनी हुई थी, जिनमें वैश्यावृत्ति करवाई जाती है। इन मकानों के अलावा अन्य कई मकानों का नवनिर्माण कार्य मौके पर जारी था। जब नवनिर्माण के बारे में पड़ताल की गई तो पता चला कि कुछ दिनों बाद और भी लड़कियां इस धंधे में शामिल होने आ रही हैं। जिनके लिए पहले से व्यवस्था की जा रही है।

यहां से आती हैं लड़कियां

पड़ताल में सामने आया कि दलाल जिस्मफरोशी के धंधे के लिए लड़कियां मुंबई, दिल्ली, सवाईमाधोपुर सहित अन्य कई जगहों से ग्राहक की पसंद के हिसाब से मंगाते हैं।

ग्राहक की पसंद से मंगवाई गई लड़कियों का रेट भी अलग होता है।

कभी-कभी बीच में खास ग्राहकों के लिए लड़कियां नेपाल से भी मंगवाई जाती हैं।

जिनकी रुकने की व्यवस्था यहां न कर होटल में की जाती है।

जबरन वसूली का खेल

वैश्यावृत्ति के अड्डे पर आए ग्राहकों से पड़ताल में सामने आया कि दलाल के मार्फत लड़कियां बाहर 350 रुपए में रेट तय करती हैं।

लेकिन ग्राहक को अंदर ले जाकर उससे जबरन कमरा चार्ज एवं अन्य खर्चे के नाम पर वसूली की जाती है।

एक ग्राहक ने बताया कि बाहर उससे 350 रुपए तय किए गए लेकिन अंदर जबरन उससे एक हजार रुपए और ऐंठ लिए गए।

सोशल मीडिया पर भी दलाल सक्रिय

दलाल आने वाले ग्राहकों को अपने व्हाट्सअप नंबर उपलब्ध करवा देते हैं और ग्राहक के नंबर ले लेते हैं। मंडी में जब कोई नई लड़की आती है तो दलाल उसकी फोटो ग्राहकों के नंबर पर भेज देते हैं

ताकि ग्राहक लड़की की फोटो देखकर वहां दुबारा आए और दलालों का धंधा अनवरत चलता रहे।

होटल में ले जाने का दस गुना चार्ज

दलालों से जब लड़की बाहर लेकर जाने की बात की गई तो उन्होंने मना कर दिया,

लेकिन बताया कि यहां पास में ही एक होटल है वहां पर व्यवस्था कर देंगे,

और वहां पुलिस का भी कोई खतरा नहीं है।

लेकिन होटल में लड़की ले जाने का चार्ज तकरीबन 4 हजार रुपए देना होगा।

जबकि नियत जगह पर यह रेट 350 रुपए ही होती है।

ग्राहकों का लगा रहता है जमावड़ा

मथुरादासपुरा स्थित वैश्यावृत्ति के इस अड्डे पर ग्राहकों का जमावड़ा लगा रहता है।

यहां दिनभर में करीब 400 से 500 लोग आते हैं। ग्राहकों में नाबालिगों की संख्या ज्यादा रहती है।

दिन भर ग्राहकों की आवाजाही से स्थानीय लोगों में कौतुहल का माहौल बना रहता है।

वहीं ग्राहकों की दुपहिया,चौपहिया गाडिय़ों की पार्किंग को देखकर ऐसा मह्सूस होता है

जैसे यहां कोई बड़ा मॉल या अपार्टमेंट बना हुआ हो।

ग्राहकों का लगा रहता है जमावड़ा

मथुरादासपुरा स्थित वैश्यावृत्ति के इस अड्डे पर ग्राहकों का जमावड़ा लगा रहता है।

यहां दिनभर में करीब 400 से 500 लोग आते हैं। ग्राहकों में नाबालिगों की संख्या ज्यादा रहती है।

दिन भर ग्राहकों की आवाजाही से स्थानीय लोगों में कौतुहल का माहौल बना रहता है।

वहीं ग्राहकों की दुपहिया, चौपहिया गाडिय़ों की पार्किंग को देखकर ऐसा महसूस होता है

कि जैसे यहां कोई बड़ा मॉल या अपार्टमेंट बना हुआ हो।

पुलिस से है सेटिंग

जब दलाल से पूछा गया कि यहां पुलिस नहीं आती क्या? तो दलाल का जबाव था

कि हम उनकी सेवा वहीं पंहुचा देते हैं इसलिए उनका यहां आना नहीं होता है।

जब उनसे पूछा गया कि किसको कितना देते हो तो दलालों ने बताया कि

हम सिर्फ चौकी पर 10 से 15 हजार रुपए महीने देते हैं।

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