कर्नाटक के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने दिए दो सुझाव…फैसला बाकी

येद्दि कल साबित करे बहुमत- सुप्रीम कोर्ट
जनादेश सबसे अहम है, विधानसभा में ही हो अंतिम फैसला- सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। कर्नाटक में सत्ता के नाटक का पटाक्षेप होने का नाम ही नहीं ले रहा है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनी भाजपा के येद्दियूरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ भी ले ली और 15 दिन में बहुमत साबित करने का समय दे दिया।

इस पर कांग्रेस ने भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया।

वहीं भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने कहा कि भाजपा में अब मन के बजाय धन की बात हो गई है।

उधर, कांग्रेस और जेडीएस ने येद्दि के शपथ ग्रहण के मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

कांग्रेस और जेडीएस का कहना है कि भाजपा ने बिना बहुमत ही येद्दियूरप्पा को शपथ दिलवा दी।

इस पर सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बैंच सुनवाई कर रही है। भाजपा के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि भाजपा राज्यपाल को सौंपी गई दो चि_ियों को सुप्रीम कोर्ट में रखेगी।

हालांकि, इसमें बहुमत वाली चिट्ठी होगी या नहीं, इस पर अभी संशय है। इस पर भाजपा का कहना है कि बहुमत विधानसभा में साबित करने की जरूरत होती है, सुप्रीम कोर्ट में नहीं।

जरूरत के समय भाजपा विधानसभा में भी बहुमत साबित कर देगी।

क्या कहा भाजपा वकील ने

सुप्रीम कोर्ट में भाजपा की ओर से मामले की पैरवी कर रहे मुकुल रोहतगी ने कहा कि कांग्रेस और जेडीएस का गठबंधन चुनाव के बाद बना है। ऐसे में यह अनैतिक है। चूंकि, भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है,

ऐसे में उसे ही सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए।

जनादेश का सम्मान अहम- जस्टिस सीकरी

जस्टिस सीकरी ने कहा कि जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने टिप्पणी कि शनिवार को शक्ति परीक्षण करने की बात कही है।

उन्होंने भाजपा से पूछा गया है कि क्या आप शनिवार को बहुमत साबित कर सकते हो?
कांग्रेस के वकील सिंघवी ने राज्यपाल के फैसले पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल ऐसा कर सकते हैं।
इस पर सुप्रीम कोर्ट के जज सीकरी ने कहा कि राज्यपाल ने किस आधार पर येद्दियूरप्पा को शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया।
इस पर मुकुल रोहतगी ने कहा कि यह राज्यपाल ने अपने विवेक से किया।
जस्टिस सीकरी ने कहा कि हम राजनीतिक लड़ाई में नहीं पडऩा चाह रहे।
वहीं जस्टिस बोबड़े ने कहा कि शक्ति परीक्षण सदन में ही हो। उन्होंने कहा कि जिसे न्यौता मिला, उसे शक्ति परीक्षण करना चाहिए।
सिंघवी नपे राज्पाल के फैसले पर उठाए सवाल

कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि चुनाव के नतीजे आने से पहले ही येद्दि ने राज्यपाल को बहुमत का दावा कैसे कर दिया था? राज्यपाल ने उन्हें कैसे न्यौता दे दिया?

भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा नहीं दिया।

दोनों को दो ऑप्शन

इस पर जस्टिस सीकरी ने दोनों को दो ऑप्शन दिए हैं।

पहला सुझाव 24 घंटे में बहुमत साबित करें। येद्दियूरप्पा के शपथ ग्रहण का कानूनी रूप से परीक्षण हो।

भाजपा ने की लोकतंत्र की हत्या: गहलोत

कांग्रेस के संगठन महामंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि थोड़ी ही देर में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।

हमारे पास पूरा बहुमत है। भाजपा अनैतिक कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की शपथ में प्रधानमंत्री, पार्टी अध्यक्ष और कई बड़े नेता होते हैं,

लेकिन, भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या करते हुए येद्दियूरप्पा को जल्दबाजी में शपथ दिलवा दी।

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