कर्नाटक चुनाव से पहले मोदी सरकार को मिली ये बड़ी राहत

0
31

नए रोजगार के कम मौके को लेकर विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है। लेकिन, कर्नाटक व लोकसभा चुनाव से पहले सरकार को बड़ा हथियार मिल गया है। कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2017 से लेकर फरवरी 2018 तक (छह महीनों में) 30 लाख से ज्यादा कर्मचारी ईपीएफ से जुड़े हैं। यानी, देश में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। जाहिर है कि इस मुद्दे पर विपक्ष केंद्र सरकार को घेरने में अब असहज रहेगी।

ईपीएफओ के डाटा से पता चलता है कि फरवरी में कुल 4 लाख 72 हजार 75, जबकि जनवरी में कुल 6 लाख 4 हजार 557 कर्मचारी फंड से जुड़े। आंकड़े के मुताबिक सितंबर से फरवरी तक कुल 31 लाख 10 हजार नए कर्मचारी ईपीएफओ से जुड़े हैं। भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री सौम्य कांत घोष ने बताया कि पिछले छह महीनों से हर महीने नौकरियों में अच्छी-खासी वृद्धि हुई है।

देश में हर साल 1.5 करोड़ नए लोग जॉब मार्केट में आते हैं। लेकिन, देश की आबादी के अनुपात में नई नौकरियों की यह दर कम है।

बड़े श्रमबल को संगठित क्षेत्र से जोड़ने के लिए सरकार ने इस वर्ष घोषणा की है कि ईपीएफ में नियोक्ता का हिस्सा वह खुद वहन करेगी। सरकार ने कहा कि वह कर्मचारियों के वेतन का 12 फीसदी तक अपने फंड से देगी।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

loading...