कर्नाटक चुनाव: 56 फीसदी हुआ मतदान…दोनों दलों को जीत की उम्मीद

बेंगलूरु। भाजपा और कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। दोनों ही दलों की ओर से प्रचार में जबरदस्त प्रहार चला। दोनों ही दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। हालांकि, विजय किस पार्टी को मिलेगी, यह तो बाद में पता चलेगा। लेकिन, कर्नाटक में शनिवार सुबह से शुरू हुआ मतदान का दौर घड़ी की सुईयों के साथ आगे बढ़ता चला गया। 224 में से 222 सीटों पर वोटिंग चल रही है।

निर्वाचन आयोग के मुताबिक दोपहर तीन बजे तक 56 फीसदी वोटिंग हो चुकी थी। भाजपा और कांग्रेस के लिए यह चुनाव अहम है। यदि कांग्रेस इस राज्य में भी चुनाव हार जाती है तो देश में उसकी सिर्फ तीन राज्यों में ही सरकार रह जाएगी। इनमें पंजाब, मिजोरम और पुड्डुचेरी शामिल है। राज्य में शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे।

कर्नाटक में दोपहर तीन बजे तक 56 फीसदी वोटिंग हो चुकी है. राज्य में शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे.

कांग्रेस ने पीएम मोदी की नेपाल यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वह कर्नाटक विधानसभा चुनाव को प्रभावित करना चाहते हैं.

लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि ”बीजेपी 150 सीटें जीतने के सपने को भूल जाएं, क्योंकि उसके हिस्से में 60 या 70 से ज्यादा सीटें नहीं आने वाली हैं. बीजेपी कर्नाटक में सरकार बनाने के सिर्फ सपने देख रही है.”

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कांग्रेस की जीत का विश्वास जताते हुए येदियुरप्पा को ‘‘ मानसिक रूप से परेशान ’’ बताया है. दरअसल येदियुरप्पा ने कहा था कि 17 मई को वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. सिद्धरमैया ने कहा , ‘‘ कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिलेगा. इसमें कोई भ्रम नहीं है. हमें पूरा विश्वास है कि कांग्रेस स्पष्ट बहुमत से सत्ता में वापसी करेगी. वह ( येदियुरप्पा ) मानसिक रूप से अस्थिर हैं. बीजेपी को 60-65 सीटों से ज्यादा नहीं मिलेंगी.’’

कांग्रेस 120 से अधिक सीटें जीतेगी- सिद्धारमैया

कर्नाटक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि वह ‘पूरी तरह आश्वस्त’ हैं कि सत्तारूढ़ कांग्रेस यहां 120 से ज्यादा सीट जीतकर दोबारा सत्ता में आएगी. सिद्धारमैया ने कहा, “हम सत्ता हासिल करने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं. यहां त्रिशंकु विधानसभा होने का कोई सवाल ही नहीं उठता.”

2,654 उम्मीदवार आमने-सामने

चुनावी मैदान में कुल 2,654 उम्मीदवार आमने-सामने हैं, जिनमें 219 महिलाएं हैं. कांग्रेस के कुल 222, बीजेपी और जेडी-एस के 201-201, अन्य पार्टियों के 800 और 1,155 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं. बेंगलुरू से लगभग 450 उम्मीदवार चुनावी मैदान में किस्मत आजमां रहे हैं.

किन दो सीटों पर टाला गया है चुनाव

बेंगलुरू के राजा राजेश्वरी नगर में बड़ी संख्या में फर्जी मतदाता पहचान पत्र मिलने की वजह से इस सीट पर मतदान स्थगित कर दिया गया है. अब इस सीट पर मतदान 28 मई को होगा और परिणाम 31 मई को आएगा.. वहीं, बीजेपी उम्मीदवार बी.एन.विजय कुमार के निधन की वजह से जयनगर सीट पर भी मतदान स्थगित कर दिया गया है.

कर्नाटक जीतने वाला हार जाएगा साल 2019 का लोकसभा चुनाव?

कर्नाटक में बरसों से एक धारणा बनी हुई है कि जो भी पार्टी कर्नाटक में विधानसभा का चुनाव जीतती है, वह अगला लोकसभा चुनाव हार जाती है. साल 2013 में कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनी. लेकिन अगले ही साल 2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी की जीत हुई. लोकसभा चुनाव में कर्नाटक की 28 सीटों में से बीजेपी ने 17 सीटें और कांग्रेस ने सिर्फ नौ सीटें जीती थी. जबकि 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सिर्फ 40 सीटें मिली थीं.

साल 2008 में बीजेपी ने कर्नाटक में सरकार बनाई थी और 2009 का लोकसभा चुनाव हार गयी थी. इस हिसाब से देखा जाए तो 2018 में कर्नाटक जीतने वाले को 2019 में लोकसभा चुनाव गंवाना पड़ सकता है. साल 2004 में जनता दल सेक्यूलर (जेडीएस) ने कर्नाटक में सरकार बनाई थी, लेकिन इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में जेडीएस को हार का सामना करना पड़ा था.

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