अब कांग्रेस और भाजपा में शह-मात का खेल

कांग्रेस ने दिया कुमार स्वामी को मुख्यमंत्री बनाने का ऑफर, जेडीएस ने हाथों-हाथ लपका
मंगलवार शाम 7 बजे राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का पेश करेंगे दावा
अध्यक्ष अमित शाह से मंत्रणा कर भाजपा के तीन नेता बेंगलूरु रवाना

भाजपा का दावा…जेडीएस के 10 विधायकों से है सम्पर्क

  • बेंगलूरु। कर्नाटक चुनाव के शुरुआती चरणों में भाजपा को करीब 122 सीटों पर बढ़त मिली हुई थी। ऐसे में कर्नाटक में भाजपा की पूर्ण बहुमत बनने की पूरी तैयारी हो गई थी। हालांकि, समय बीतते जाने के साथ ही तस्वीर बहुत बदलती चली गई। करीब तीन बजे के रुझानों में भाजपा की सीटें घटकर 105 सीटें मिलती दिख रही थीं। वहीं कांग्रेस को 76 और जेडीएस के पास 39 सीटें जाती हुईं दिखीं। वहीं अन्य के खाते में दो सीटें गईं।

इसके बाद कांग्रेस के रणनीतिकारों अशोक गहलोत, अहमद पटेल, गुलाब नबी आजाद ने जेडीएस के साथ गठबंधन करने की बात कहकर भाजपा के सियासी समीकरणों को बदल दिया। भाजपा को कर्नाटक की सत्ता में रोकने के लिए कांग्रेस ने अपने से कम सीटों पर विजयी हुई जेडीएस के साथ गठबंधन करने पर तैयार हो गई। दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस ने एचडी कुमार स्वामी को मुख्यमंत्री पद देने पर भी रजामंदी दे दी। जेडीएस ने भी कांग्रेस के इस खुले आमंत्रण को हाथों-हाथ लपक लिया और उसने भी कांग्रेस के साथ गठबंधन में सरकार बनाने को हरी झंडी दे दी। यदि इन दोनों का गठबंधन बनता है तो कांग्रेस और जेडीएस की कुल सीटें 115 हो जाएंगी, जो बहुमत से तीन सीट ज्यादा है।

राज्यपाल ने कांग्रेस को समय देने से किया इनकार

जेडीएस ने दावा किया कि वे मंगलवार शाम को ही राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश करने का मांग पत्र सौंपेंगे। तेजी से बदलते ताजा घटनाक्रम के बाद सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल तुरंत ही बेंगलूरु रवाना हो गए। सरकार बनाने के दावे को लेकर कांग्रेस ने राज्यपाल से समय भी मांगा था, लेकिन राज्यपाल ने साफ मना कर दिया। राज्यपाल ने कहा कि जब तक मतगणना के पूरा रिजल्ट नहीं आ जाता, तब तक वे किसी भी पार्टी को मिलने का समय नहीं देंगे।

दिल्ली में तेज हुई सियासी हलचल

अब देखने वाली बात यह होगी कि कांग्रेस और जेडीएस के इस पैंतरे का भाजपा के रणनीतिकार क्या जवाब देंगे। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के घर पर पार्टी रणनीतिकारों की बैठक हो रही है। भाजपा भी अपने सारे विकल्पों पर मंथन कर रही है। हालांकि, कांग्रेस के इस पैंतरे का भाजपा कैसे माकूल जवाब देगी, इसका खुलास भाजपा के रणनीतिकारों ने नहीं किया। इससे पहले भाजपा ने कर्नाटक में अपनी सरकार बनाने का दावा किया था और इस सम्बंध में मंगलवार शाम 6 बजे संसदीय बोर्ड की बैठक भी बुलाई है।

भाजपा ने रणनीतिकारों को भेजा बेंगलूरु

भाजपा ने भी अपनी सरकार बनाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। उसके रणनीतिकारों में शुमार प्रकाश जावड़ेकर, धर्मेन्द्र प्रधान और जेपी नड्डा को बेंगलूरु भेज दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि ये रणनीतिकार जेडीएस से बात करेगी और उनकी पार्टी को समर्थन देने पर उन्हें राजी करेगी।

अगर कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनी तो क्या होगा

अभी कुछ माह बाद राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ के साथ ही लोकसभा के चुनाव होने वाले हैं। यदि कर्नाटक में भाजपा की सरकार बन जाती तो कांग्रेस इन राज्यों में जनता को क्या कहती। कर्नाटक की हार पर जनता के सामने उसे शर्मिंदगी उठानी पड़ती। ऐसे में कांग्रेस आलाकमान ने सोचा कि कर्नाटक में भले ही मुख्यमंत्री पद ना मिले, लेकिन किसी भी प्रकार से भाजपा को रोका जाए, जिससे आगामी चुनावों में भाजपा को कर्नाटक चुनाव का माइलेज ना मिले।

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