किसान तोहफा नहीं हक मांग रहा है : राहुल गाँधी

0
26
दिल्ली के जंतर-मंतर में जमा हुए किसान. कर्ज माफी और अन्य मांगों को लेकर संसद तक मार्च कर रहे हैं.
किसानों अपनी मांगों को लेकर संसद तक मार्च कर रहे हैं. छात्रों ने भी किसानों का खुलकर समर्थन किया है.
स्कूली छात्रों ने हाथों बैनर पोस्टर लेकर किसानों की मांगो का समर्थन किया. तमिलनाडु के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए प्रदर्शन किया. महाराष्ट्र से सांसद राजू शेट्टी जिन्हें किसानों का नेता भी कहा जाता है, उन्होंने किसानों के मांगों का समर्थन करते हुए संसद तक मार्च कर रहे हैं.समाजसेवी मेधा पाटेकर ने किसानों के संसद मार्च में हिस्सा लिया. उन्होंनें किसान आंदोलन से जुड़ी कई सारी जानकारियां दीं।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मार्च के मार्ग पर साढ़े तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. उन्होंने बताया कि मध्य दिल्ली और नई दिल्ली पुलिस जिलों में मार्च को देखते हुए विशेष बंदोबस्त किए गए हैं उन्होंने बताया कि उप-निरीक्षक रैंक तक के लगभग 850 पुलिसकर्मियों को मध्य जिले में तैनात किया गया है. उनके अलावा 12 पुलिस कंपनियां होंगी जिनमें से दो कंपनियां महिला पुलिसकर्मियों की होंगी. प्रत्येक कंपनी में 75-80 पुलिसकर्मी हैं।
नयी दिल्ली जिले में उप-निरीक्षक रैंक तक के लगभग 346 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. अन्य जिलों के 600 पुलिसकर्मी भी उनकी सहायता के लिए मौजूद रहेंगे. निरीक्षक से लेकर अतिरिक्त डीसीपी रैंक तक के 71 अधिकारियों के साथ-साथ नौ पुलिस कंपनियां भी मौजूद हैं।

आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश समेत देशभर से आए किसान बृहस्पतिवार को रामलीला मैदान में इकट्ठे हुए थे।

शुक्रवार को रामलीला मैदान से संसद मार्ग तक किसान मार्च मार्ग में भी सुरक्षा और यातायात के विशेष प्रबंध किए गए हैं.पुलिस ने कहा कि किसानों के मार्च के दौरान सड़कों के दोनों तरफ रस्सी होगी और दूसरी तरफ पुलिस तैनात होगी ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि यातायात प्रभावित नहीं हो.

राजधानी में यातायात प्रभावित ना हो इसके लिए शुक्रवार को 3,500 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे. आज किसान रामलीला मैदान से संसद मार्ग पर मार्च निकालने वाले हैं।

गुरुवार को किसानों के साथ डाक्टर, वकील, पूर्व सैनिक, पेशेवर और छात्रों सहित समाज के तमाम वर्गों के लोगों के समूह रामलीला मैदान में एकत्र हुए।
गुरुवार को देश के विभिन्न भागों से दिल्ली के प्रवेश मार्गों पर एकत्र होकर आंदोलनकारियों का रामलीला मैदान तक पैदल और वाहनों से पहुंचने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले लगभग 200 किसान संगठनों, राजनीतिक दलों और अन्य समाजिक संगठनों से किसानों की मांग का समर्थन करते हुये आंदोलन में भागीदारी की है।
समिति के महासचिव अवीक शाहा और स्वराज इंडिया के संयोजक योगेन्द्र यादव की अगुवाई में दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के बिजवासन से सुबह शुरु हुई।
[पूर्व सैनिकों के संगठन का मिला साथ]

इस बीच पूर्व सैनिकों के संगठन ने भी किसानों की मांग का समर्थन करते हुये किसान मुक्ति यात्रा में शिरकत की. संगठन के प्रमुख मेजर जनरल सतबीर सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिक किसान आंदोलन में दो दिन तक साथ रहेंगे. अनजान ने बताया कि यह पहला अवसर है जब किसानों के समर्थन में डॉक्टर, वकील, शिक्षक, रंगकर्मी और छात्र संगठनों सहित समाज के सभी वर्गों ने भी किसान आंदोलन में हिस्सेदारी की है।

साईनाथ की अगुवाई में गठित समूह ‘नेशन फॉर फार्मर्स’ के बैनर तले विभिन्न सामाजिक समूहों ने आंदोलन में शिरकत की है. सभी संगठनों के कार्यकर्ता बिजवासन, मजनू का टीला, निजामुद्दीन और आनंद विहार से किसान आंदोलनकारियों के साथ रामलीला मैदान पहुंच गये।

अनजान ने बताया कि रामलीला मैदान में सरकारी और गैरसरकारी स्तर पर स्वास्थ्य, भोजन और पानी सहित अन्य जरूरी सुविधायें मुहैया करायी जा रही है।

लगभग 60 हजार लोगों की क्षमता वाले रामलीला मैदान में एम्स, आरएमएल, लोकनायक, हिंदूराव, अरुणा आसिफ अली अस्पताल सहित दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों के करीब 25 से 30 डॉक्टरों ने रामलीला मैदान पर किसानों के लिए एक निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया।
साथ ही विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से भोजन और रात के समय सर्दी से बचने के लिये जरूरी कपड़ों की व्यवस्था की गयी है।

आंदोलन में जुट रही भीड़ को देखते हुये दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये हैं. पुलिस ने बताया कि बृहस्पतिवार को रामलीला मैदान में पुलिसबल तैनात किया गया है।

राजनीतिक कार्यकर्ता और आप के पूर्व नेता योगेन्द्र यादव ने ट्वीट किया है, ‘‘आज सुबह बिजवासन से महिला किसानों ने हमें दुआ-सलाम किया. वे लोग किसान मुक्ति मोर्चा में भाग लेने के लिए तैयार हैं. यदि आप किसान नहीं हैं, फिर भी हमारे साथ आएं. हमें भोजन देने वालों के साथ हाथ मिलाएं. जय किसान।’’

वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने भी ट्वीट किया , ‘‘पिछले 15 साल में भारत में तीन लाख से भी ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की है क्योंकि सरकारें लगातार उन्हें धोखा देती रहीं. कल देश भर से आए एक लाख किसान दिल्ली की ओर कूच करेंगे और फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा कर्ज से मुक्ति की मांग करेंगे. उनके साथ एकजुटता दर्शाते हुए खड़े हों।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

loading...