कृषि में बीजारोपण मानसून की दस्तक के बाद बुवाई ने पकड़ा जोर, कई इलाकों में अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार

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महानगर संवाददाता
जयपुर। कृषि विभाग ने इस बार प्रदेश में खरीफ फसलों में दलहन फसलों की बुआई का रकबा घटा दिया है। प्रदेश में अब की बार 40 लाख हैक्टेयर में बाजरे की बुआई का लक्ष्य रखा गया है।
पिछले साल 41.84 लाख 84 हैक्टेयर में बाजरा बोया था। इस बार मक्का की बुआई 10 लाख हैक्टेयर में होगी। पिछले साल इसकी बुआई 9.09 लाख हैक्टेयर में हुई थी। इसी तरह 5.50 लाख हैक्टेयर में ज्वार की बुआई तय की है। पिछले साल 5.54 लाख हैक्टेयर में ज्वार बोई गई थी। इस बार 15 लाख हैक्टेयर में मूंग की बुआई का लक्ष्य है। पिछले साल इसकी बुआई 17.41 लाख हैक्टेयर में हुई थी। मोठ की बुआई का लक्ष्य 12 लाख हैक्टेयर है। पिछले साल 11.17 लाख हैक्टेयर था। उड़द की बुआई का लक्ष्य डेढ़ लाख हैक्टेयर से भी ज्यादा घटा दिया है। गत साल 5.13 लाख हैक्टेयर में उड़द बोई गई थी, इस बार 3.50 लाख हैक्टेयर का लक्ष्य है। तिल का रकबा बढ़ाया है।
पिछले साल 2.72 लाख हैक्टेयर में बुआई हुई थी। इस बार 4.50 लाख हैक्टेयर में तिल बोने का लक्ष्य है। सोयाबीन की बुआई इस बार 10 लाख हैक्टेयर में की जाएगी जबकि पिछले साल 9.68 लाख हैक्टेयर में हुई थी। तिलहनी फसलों के रकबा में कमी मौसम एवं परिस्थितियों के मद्देनजर की गई है।

मानसून मेहरबान
रहा तो बढ़ेगा रकबा
खरीफ की फसल के रकबे मे बढ़ोत्तरी मानसून के रुख पर निर्भर रहेगी। मानसून मेहरबान रहा तो अबकी बार अनाज एवं तिलहनी फसलों के रकबे में इजाफा होगा। फसलों की बुवाई और बढ़वार पर मौसम का असर नजर आ सकता है। पिछले सालों में मौसम की बेरुखी से किसानों एवं कृषि विभाग के लिए लक्ष्य हासिल करना चुनौती बन गया था। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो इस साल मानसून सामान्य रहने का अनुमान है। इस साल पिछले दस साल के औसत के मुकाबले 97 फीसदी बारिश होने के आसार हैं। किसानों के लिए ये राहत भरी खबर मानी जा रही है। हालांकि पिछले कुछ सालों से देश में सूखे और बाढ़ का साझा कहर खेती को तबाह करता रहा है।

लेकिन अबकी बार मौसम विभाग का अनुमान खेती-बाड़ी के अनुकूल माना जा रहा है।

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