कैलाश मानसरोवर की यात्रा कर सकुशल लौटा जत्था

महानगर संवाददाता
जयपुर। नेपाल में फंसे कैलाश मानसरोवर यात्रियों की चिंताजनक खबर के बीच जयपुर से आदि देव महादेव भगवान शंकर के निवास स्थान कैलाश मानसरोवर में भागवत कथा श्रवण और भोले बाबा के साक्षात दर्शन करने के लिए मुरली मनोहर अकिंचन महाराज के सान्निध्य में छोटी काशी से गया 35 श्रद्धालुओं का जत्था बुधवार सुबह सकुशल जयपुर पहुंच गया। सभी यात्रियों ने मोती डूंगरी गणेश मंदिर में दर्शन कर प्रथम पूज्य का सकुशल यात्रा करवाने पर धन्यवाद दिया।कैलाश मानसरोवर यात्रा संयोजक ओमप्रकाश अग्रवाल कथा कृष्णस्वरूप बूब ने सभी यात्रियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। यह जत्था 19 जून को मोतीडूंगरी गणेश मंदिर से ही रवाना हुआ था। कथाचार्य अंकिचन महाराज के सान्निध्य में श्रद्धालु हर-हर महादेव के जयकारों के साथ बसों से दिल्ली पहुंचे और वहां से हवाई मार्ग से काठमांडू के लिए रवाना हो गए। यात्रा मार्ग में अंकिचन महाराज ने भागवत कथा श्रवण करवाया। दो दिन की कथा पड़ाव स्थल तथा शेष पांच दिन की कथा कैलाश मानसरोवर में हुई जो कि श्रद्धालुओं के लिए दिव्य अनुभव बन गई। यात्री काठमांडू से तिब्बत सीमा के स्याबूबेसी, केरुंग, सांगा, डोंगवा होते हुए छठे दिन 24 जून को मानसरोवर झील पहुंचे। वहां झील में स्नान, पूजा-अर्चना कर दरवेन के लिए रवाना हुए। वहां से दो दिन तक चलकर सभी ने पूरे मनोयोग से कैलाश मानसरोवर की परिक्रमा की। दो दिन में 32 किलोमीटर पैदल चल कर श्रद्धालुओं ने यह परिक्रमा पूरी की। यात्रा में शामिल 75 साल के यात्रियों ने भी पैदल की यात्रा की। वहां से श्रद्धालु वापस पूर्ववत मार्ग से होते हुए काठमांडू पहुंचे। दिल्ली होते हुए दल जयपुर पहुंचा।

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