क्यों मनाया जाता है मकर सक्रांति और उड़ाई जाती है पतंग?

0
47

देशभर में मकर संक्रांति का पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाता है। इस त्योहार पर देश के कई शहरों में पतंग उड़ाने की परंपरा भी है। इसलिए इस पर्व को पतंग पर्व भी कहा जाता है। बाजारों में एक ओर जहां तिल, गुड़, गजक और मूंगफली की भरमार नजर आती है, तो वहीं दूसरी ओर बाजार रंग-बिरंगी पतंगों से सजे दिखाई देते हैं। इस त्योहार पर लोग दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ रंग-बिरंगी पतंगें उड़ाते हैं। इसके अलावा भी भारत में कई त्योहारों पर परंपरागत रूप से पतंग उड़ाई जाती है।

मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का धार्मिक महत्व-

मान्यता है कि मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की परंपरा भगवान श्री राम के समय में शुरू हुई थी। मकर संक्रांति के दिन ही श्री राम ने पतंग उड़ाई थी और वो पतंग इन्द्रलोक में चली गई थी।

मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने से सेहत को लाभ-

मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने को सेहत के लिए भी फायदेमंद समझा जाता है। दरअसल, सुबह की धूम में पतंग उड़ाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है. साथ ही विटामिन डी भी मिलता है। धूप से सर्दियों में होने वाली स्किन संबंधी समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है।

पतंग देती है प्रेम का संदेश-

पतंग को आजादी, खुशी और शुभ संदेश का प्रतीक माना जाता है।कई जगह लोग इस पर्व पर तिरंगी पतंग भी उड़ाते हैं। माना जाता है कि पतंग उड़ाने से दिमाग संतुलित रहता है और दिल को खुशी का एहसास होता है।

मकर संक्रांति पर बच्चों के लिए कई जगहों पर मेलों का आयोजन किया जाता है।इस पर्व पर लोग नाचते-गाते हैं, पतंग उड़ाते हैं। कई लोग इस दौरान पवित्र नदियों में स्नान करते हैं. मकर संक्रांति पर किया हुआ दान अक्षय फलदायी होता है।

आदित्य धर ने प्रधानमंत्री नरेंद्रे मोदी और फिल्म को लेकर की तारीफ

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

loading...