खुशियों में पड़ा खलल, 1 की मौत, 300 से ज्यादा घायल पहुंचे अस्पताल

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जयपुर। मकर संक्राति पर्व पर रविवार को जहां शहर में खुशियां मनाई जा रही थी वहीं पतंगबाजी और अन्य हादसों में घायल होकर करीब 300 मरीज शहर के निजी और सरकारी और अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे। ऐसे पीडि़तों की खुशियों में खलल पड़ गया। घायलों में एक युवक सूरज की एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। यह युवक बिंदायका का रहने वाला था। घायल मरीजों के परिजनों का कहना था कि मकर संक्रांति पर्व पर जरा सी लापरवाही उन पर भारी पड़ गई और इस दौरान उनके परिजन बुरी तरह से घायल हो गए।

पतंगबाजी के दौरान के घायल होने वाले मरीजों में सभी आयु वर्ग के लोग शामिल रहे, घायलों में बच्चों की संख्या ज्यादा रही। वहीं दिन में चाइनीज मांझे से भी राहगीर बुरी तरह से चोटिल हुए चाइनीज मांझे की चपेट में आए एक मरीज के परिजन रामबाबू ने बताया कि रविवार को वे झोटवाड़ा से वैशाली नगर आ रहे थे कि तभी मांझे की चपेट में उनके पीछे बैठे परिजन आ गए ऐसे में उनकी नाक बुरी तरह से मांझे की वजह से कट गई। इसी तरह से चाइनीज मांझे से भी घायल होने वाले भी कई मरीज शहर के निजी और सरकारी अस्पतालों में पहुंचे, जहां घायलों का अस्पताल में उपचार किया गया।

एसएमएस अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. एसएस यादव ने बताया कि मकर संक्रांति पर्व पर एसएमएस अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में 61 मरीज उपचार के लिए पहुंचे, घायलों में पतंगबाजी के दौरान कोई छत से गिरा तो कोई मांझे की चपेट में आ जाने से घायल हो गया। सामान्य रूप से घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई वहीं गंभीर रूप से घायल चार मरीजों को ट्रोमा सेंटर में इलाज के लिए भर्ती किया गया है। घायलों के अस्पताल पहुंचने का क्रम देर रात तक जारी रहा। ट्रोमा सेंटर में गंभीर रूप से घायलों में 17 वर्षीय नेहा और रेहान, अरमान, फिजा बताए जा रहे हैं। डॉ. यादव के अनुसार इन घायलों को सिर और पैर में गंभीर रूप से चोट लगी है। जिसके चलते इन्हें अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। इसी तरह कांवटिया और जयपुरिया जिला चिकित्सालयों में भी घायल पहुंचे।

कांवटिया से 10 को किया रैफर
मकर संक्रांति पर्व पर घायलों के अस्पताल पहुंचने का क्रम देर रात तक जारी रहा। कांवटिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. लीनेश्वर हर्षवर्धन ने बताया कि रविवार को कांवटिया अस्पताल में 72 घायल उपचार के लिए पहुंचे, इनमें 10 मरीजों को सिर में अत्याधिक चोट लग जाने के कारण उन्हें कांवटिया अस्पताल से रैफर कर दिया गया। बाकी अन्य मरीजों को सामान्य उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉ. हर्षवर्धन के अनुसार कांवटिया अस्पताल पहुंचने वाले घायल मरीजों को हेड इंजरी के कारण अस्पताल से रैफर किया गया। दिन भर चिकित्सकों की टीमें अस्पताल पहुंच रहे घायलों की चिकित्सा उपचार में जुटी रहीं। कई स्थानों से युवतियां भी पतंग उड़ाते समय घायल होकर अस्पताल पहुंचीं।

वस्था

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