गुर्जर आरक्षण विधेयक राजस्थान विधानसभा में एक बार फिर पारित

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जयपुर। गुर्जर आरक्षण को लेकर राजस्थान विधानसभा में बिल पास हो गया है. गोहलोत सरकार में ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला ने आज दोपह विधानसभा में बिल रखा था. साथ ही राजस्थान में केंद्र का 10 फीसदी सवर्ण आंदोलन भी लागू किया जाएगा।
 बिल पेश करने से पहले मीडिया से मुखातिब हुए कल्ला ने कहा कि सब लोग जानते है कि 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण केंद्र सरकार संविधान में संशोधन करके दे सकती है. और इसके लिए राज्य सरकारों के प्रस्ताव उनके पास जाने चाहिए. तमिलनाडु में 69 प्रतिशत आरक्षण दिया हुआ है. वहां की विधानसभा ने प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा. जिसके बाद केंद्र ने संविधान में संशोधन किया।

उन्होंने कहा कि इसी तर्ज 59 फीसदी आरक्षण के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाएगा.  लेकिन भाजपा इसमें राजनीति कर रही है. भाजपा को चाहिए जैसे 10 प्रतिशत आरक्षण सवर्णों को आर्थिक आधार पर दिया था. वैसे ही संविधान में संशोधन कर गुर्जरों को आरक्षण दे।

पत्रकारों ने जब बीडी कल्ला से पूछा कि राजेंद्र राठौड कह रहे है कि गुर्जर आरक्षण केंद्र सरकार का विषय ही नहीं है. तो उन्होंने जवाब दिया कि  किस का विषय है. 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण राज्य सरकारें दे नहीं सकती. संविधान में संशोधन करना पड़ेगा. संविधान में संशोधन क्या विधानसभा करेगी या संसद करेगी. बीजेपी अपना पक्ष सही ढंग से प्रस्तुत नहीं कर रही है. अपनी जिम्मेदारी से बचना चाह रही है।

कि उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्य सरकार ही इसके लिए संविधान में संशोधन कर सकती है. अगर उसके बाद जरूरत हुई तो हम केंद्र सरकार से बात करेंगे. राठौड़ ने कहा कि हमने 18 जनवरी को सदन में इस पर मुद्दा भी उठाया था. लेकिन जब सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया. अब सरकार 5 दिन तक जनता को परेशान करने के बाद बिल ला रही है. साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इसके लिए कोई विधिक

राय भी नहीं ली, ऐसे में अगर राज्य सरकार केंद्र के पाले में गेंद डालने की कोशिश करती है तो हम उसका विरोध करेंगे।

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