न बजरी न बजट, फिर जेडीए कैसे पूरा करेगा प्रोजेक्ट

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मो. मुर्तुजा नियाजी
जयपुर। जेडीए में पहले से चल रहे कामों को लेकर पहले ही चारों ओर त्राहि-त्राहि मची हुई है। लेकिन इन सबके बीच में सरकारी योजनाओं और घोषणाओं में कमी नहीं आ रही है। सीधे तौर पर कहा जाए तो घर में नहीं दाने-अम्मा चली भुनाने, जेडीए इस पंक्ति को चरितार्थ कर रहा है। लगभग सभी चल रहे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 4812.06 करोड़ के आसपास है।

इस आलम-ए-दौर को देखकर लगता है कि चुनावी साल के शुरुआत में

शिलान्यास का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इसी के बीच जेडीए के जारी

प्रोजेक्ट की फेहरिस्त में एक नया नाम और जुड़ गया है जो कि झोटवाड़ा

पुलिया का एक्सटेंशन है। बावजूद इसके जेडीए के करोड़ों रुपए के पहले के काम

ही रुके पड़े हंै। जिसके बाद अब एक नया प्रोजेक्ट झोटवाड़ा पुल और आरओबी

एलिवेटेड रोड के नए कार्य का आगाज जेडीए के द्वारा कर दिया गया है। सोचने

वाली बात यह है कि इतने बड़े प्रोजेक्ट को जेडीए बिना बजरी के पूरा नहीं कर

सकता। फिर भी वह अगर बजरी ला रहा है तो इतनी बजरी कहां से आना

संभावित है, ये देखने वाली बात होगी। जेडीए की माली हालत पर गौर करें तो

पहले के कामों को पूरा करने के लिए फंड पूरे नहीं पड़ रहे, इसके बावजूद भी

चुनाव के नजदीक आते ही नए प्रोजेक्ट की भी शुरुआत हो गई है। लेकिन पहले

के काम को अधरझूल में छोडऩा और पूरा नहीं कर पाना जेडीए के लिए भी

चुनौती बनी हुई है। बावजूद इसके जेडीए ने सप्ताह पूर्व झोटवाड़ा पुलिया के नए

कार्य का भी शिलान्यास कर दिया है। देखना यह है कि माली हालत को पीछे

छोड़ते हुए जेडीए सभी कार्यों को कैसे और कब तक पूरा कर पाता है।

जेडीए के अधरझूल में प्रोजेक्ट

द्रव्यवती नदी का काम जेडीए के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है लेकिन अभी इसमें

और वक्त लगने की पूरी संभावना है। जिसकी लागत 1676 करोड़ रुपए है।

रिंग रोड सरकार का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है लेकिन बजरी की समस्या के कारण

ये भी समय पर पूरा हो पाना मुमकिन नहीं लग रहा है। जिसकी अनुमानित

लागत लगभग 2100 करोड़ रुपए के आसपास है।

सोडाला एलिवेटेड रोड का भी कार्य अब तक आधा भी पूरा नहीं हो सका है। इस

एलिवटेड रोड को पूरा करने तक का बजट 250 करोड़ रुपए है।

वाइंडिंग बम्बाला ब्रिज एनएच-11 कार्य भी चल रहा है, जिसका बजट 21

करोड रुपए है।

बस्सी में फॉरलेन और ब्रिज के कार्य को पूर्ण करने के लिए 11.80 करोड़ रुपए

का बजट है।

गोनेर के दांतली में आरओबी का कार्य अभी चल रहा है , जिसके लिए जेडीए

द्वारा 99.92 करोड़ रुपए का बजट है।

जाहोता का कार्य भी अभी चल रहा है जिसके लिए 61 करोड़ रुपए का बजट है।

सीतापुरा में आरओबी एलसी-70 के लिए 116.16 करोड़ का बजट है।

इन प्रोजेक्ट के अलावा भी जेडीए के द्वारा किशनबाग के डवलपमेंट के कार्य के

लिए 234.73 लाख रुपए, गोपालपुरा बाइपास का डवलपमेंट के कार्य के लिए

86.60 करोड़ रुपए और पृथ्वीराजनगर योजना के डवलपमेंट कार्य के लिए

154.83 करोड़ रुपए करने की बात कही हुई है।

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