घर में समृद्धि लाने मोजाम्बिक में सूरजमुखी लोगों का हो रहा शिकार

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मापुटो। अफ्रीकी देश मोजाम्बिक में अल्बिनिज्म(सूरजमुखी) वाले लोग निशाने पर हैं। अल्बिनिज्म(सूरजमुखी) लोगों को समाज से बहिष्कृत कर रखा है। अफ्रीका में अंधविश्वास है कि अल्बिनिज्म(सूरजमुखी) लोग हीरे की तरह हैं और उन्हें मारकर वह प्राप्त किया जा सकता है। इसलिए मोजाम्बिक, तंजानिया और मलावी में अल्बिनिज्म(सूरजमुखी) हमेशा डर के साए में रहते हैं।

इन जगहों पर इनका शिकार किया जाता है। इनके साथ बलात्कार और अपहरण जैसी घटनाएं आम हैं।

एक अल्बिनो बच्चे को परिवार पर बोझ माना जाता है।

लोग मानते हैं कि अल्बिनिज्म(सूरजमुखी) बुरी आत्माएं हैं और इनका होना परिवार में दुर्भाग्य के जैसा है।

इसलिए वे स्वयं के परिवारों में भी उपेक्षित रहते हैं।

पिता ने सड़क पर छोड़ दिया फक को

एक ऐसा ही अल्बिनिज्म(सूरजमुखी) है मोमादे अली फक, जिसे उसके पिता ने जन्म के समय ही मोजाम्बिक शहर के पूर्वोत्तर शहर नम्पुला की सड़कों पर अनाथ छोड़ दिया।

हालांकि, फक के दादाजी ने उन्हें बचा लिया था।

इसके बाद का सफर भी फक के लिए आसान नहीं रहा।

नाजुक स्वास्थ्य ने उन्हें नौवीं कक्षा में स्कूल छोडऩे पर मजबूर कर दिया। उसे आसानी से दिखाई नहीं देता था।

सूरज की रोशनी में थोड़ी देर खड़े होते ही उसे दर्द होता है।

उसकी आंखों जलने लगती हैं और त्वचा लाल हो जाती है। उसे यह सब आनुवांशिक मिला।

परिणामस्वरूप बालों, त्वचा और आंखों में मेलेनिन वर्णक की कमी के चलते सूर्य के सम्पर्क में आने से परेशानी होती है।

संगीत के जरिए भेदभाव को उठाया

अल्बिनिज्म(सूरजमुखी) लोग पराबैंगनी विकिरण के हानिकारक प्रभावों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।

फक समय के साथ बड़ा हुआ। उसे भी कई बार भेदभाव का सामना करना पड़ा।

उसके पास कुदरती मिली संगीत प्रतिभा थी। इसने फक को जीवित रहने में मदद की।

संगीत की वजह से फैक अपने देश में बहुत लोकप्रिय है।

फक ने गीतों के जरिए नस्लीय भेदभाव के खिलाफ कई बार आवाज उठाई।

फक अपना अधिकांश समय अल्बिनिज्म के बारे में लोगों को जागरूक करने में व्यतीत करता है।

ये जुड़े हुए हैं अंधविश्वास

कुछ अफ्रीकी समाजों में माना जाता है कि अल्बिनो के खून, बाल और शरीर के अन्य अंगों से घर में समृद्धि आती है।

इसलिए अल्बिनो लोगों का अपहरण करके उन्हें मारा जाता है।

कुछ लोग उन्हें भूत के रूप में देखते हैं और उन्हें मारने की फिराक में रहते हैं।

एक अन्य अंधविश्वास के मुताबिक अल्बिनिज्म वाली महिलाओं के साथ यौन सम्बंध बनाने से एचआईवी/एड्स की समस्या दूर हो जाती है।

कई अफ्रीकी समाजों में अल्बिनो लोगों का सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है।

क्योंकि, उन्हें डर होता है कि कहीं उनकी कब्र खोदकर शव चोरी ना हो जाएं।

इसलिए अल्बिनो लोगों को उनके परिजन चुपचाप दफनाते हैं। उनकी कब्र पर कोई भी पहचान चिह्न नहीं डालते हैं।

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