घोस्ट गैलेक्सी में नहीं मिला डार्क मैटर

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वॉशिंगटन। हमारी गैलेक्सी यानी आकाशगंगा मिल्की वे से बहुत दूर मिली एक गैलेक्सी ने खगोलविदों को चौंका दिया है। इसमें एक भी डार्क मैटर नहीं है, जिसके चलते इसे ब्रह्मांड की सबसे अजीब वस्तुओं में से एक माना जा रहा है। आम तौर पर रहस्यमय पदार्थ माना जाने वाला डार्क मैटर हर गैलेक्सी में होता है। इसकी प्रकृति अज्ञात है, लेकिन इसमें एक मजबूत गुरुत्वाकर्षण प्रभाव होता है, जो हमारी मिल्की वे सहित सभी आकाशगंगाओं में देखा गया है। अभी तक यह माना जाता रहा है कि यह डार्क मैटर किसी भी आकाशगंगा गठन के लिए जरूरी होता है। इसे आकाशगंगा के बीज के रूप में माना जाता है, जिससे नॉर्मल मैटर जमा होकर उनके गुरुत्वाकर्षण के कारण तारों का जन्म होता है। वस्तुत: कोई भी डार्क मैटर नहीं होने के कारण वैज्ञानिकों इस बात की व्याख्या नहीं कर पा रहे हैं कि इस ‘घोस्ट गैलेक्सी’ निर्माण कैसे हुआ। अमेरिका के येल विश्वविद्यालय से लीड वैज्ञानिक प्रोफेसर पीटर वैन डॉक्कुम ने कहा कि इस प्रकार की आकाशगंगाओं की भविष्यवाणी करने वाला कोई सिद्धांत नहीं है।
यह आकाशगंगा एक पूर्ण रहस्य है, क्योंकि इसके बारे में हर चीज वास्व में अजीब है। इन आकाशगंगाओं का निर्माण कैसे होता है, यह पूरी तरह से अज्ञात है। यह गैलेक्सी 6.5 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर है। यानी वहां तक पहुंचने के लिए अगर प्रकाश की रफ्तार से चला जाए, तो 6.5 करोड़ साल बाद वहां पहुंचा जा सकेगा। यह ‘अल्ट्रा डिफ्यूज’ आकाशगंगाओं को मान्यता मिलने वाली सबसे नई गैलेक्सी है। इस आकाशगंगा में बहुत कम तारे हैं, लिहाजा अपने बहुत बड़े आकार के होने के बावजूद ये बहुत धुंधली दिखाई देती है। DFw 2 आकाशगंगा करीब उतनी ही बड़ी है, जितनी बड़ी हमारी आकाशगंगा मिल्की वे है, लेकिन उसमें करीब 200 गुना कम तारे हैं और कोई डार्क मैटर भी नहीं है।

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