चुनाव से पहले भाजपा राजपूतों को मनाने में जुटी है।

जयपुर। प्रदेश का राजपूत समाज विभिन्न मुद्दों को लेकर वसुंधरा सरकार से नाराज चल रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा राजपूतों को मनाने में जुटी है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने चुनावों के मद्देनजर सोमवार को राजपूत नेताओं के साथ अहम मंत्रणा की।

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बैठक में राजपूत नेताओं को चुनावों में राजपूत वोट बैंक में बिखराव न हो इसे लेकर चर्चा हुई । मुख्यमंत्री ने राजपूत नेताओं को जमीनी स्तर पर काम करने के निर्देश दिए। साथ ही नेताओं को जिलास्तर पर राजपूत समाज के लोगों के साथ कॉर्डिनेशन का जिम्मा सौंपा भी गया है।

सिविल लाइंस स्थित आठ नंबर बंगले में आयोजित बैठक में मंत्री राजेन्द्र राठौड़, विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह, मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजौर, मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह, जोधपुर जेडीए चैयरमेन महेन्द्र सिंह, शिवपाल सिंह नांगल और जगदीश सिंह लाडनूं मौजूद रहे। बैठक में चुनावों में राजपूत वोट बैंक को लेकर मंत्रणा हुई।

दरअसल,राजपूत समाज को बीजेपी का कोर वोट माना जाता है। पिछले कुछ सालों में राजपूत समाज के एक तबके ने बीजेपी से अपनी नाराजगी जाहिर की है। चाहे आनन्दपाल प्रकरण हो या सांवराद मामला या फिर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पद पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह का नाम चलाकर इस पद पर गैर राजपूत को बैठने का मामला हो, प्रदेश का राजपूत समाज भाजपा से नाराज है।

ऐसे में आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी को इसका खामियाजा न भुगतना पड़े, इसके लिए बीजेपी लगातार राजपूतों को मनाने की कोशिश कर रही है। हालांकि सीएम राजे की बैठक में शामिल हुए राजपूत नेताओं ने समाज की किसी भी नाराजगी से इनकार कर दिया। राजेन्द्र राठौड़ के अनुसार मुख्यमंत्री ने राज-काज सहित अन्य मामलों को लेकर नेताओं की बैठक ली थी।

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