चेक बाउंस से जुड़े 7 मामलों में राजपाल यादव को 3 महीने की जेल

0
53
ट्रायल कोर्ट के सामने एक समझौते की रकम देने पर नाकाम रहने की वजह से ये सजा सुनाई गई है।

[ये है मामला]

साल 2010 में राजपाल यादव ने एक फिल्म के लिए 5 करोड़ का लोन लिया था, लेकिन इस रकम को नहीं चुकाने के कारण लोन देने वाले व्यक्ति ने कोर्ट की शरण ली. बताया जाता है राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए ये लोन लिया था. इसी साल कोर्ट में ये समझौता हुआ था कि राजपाल 10 करोड़ 40 लाख की रकम वापस लौटाएंगे, लेकिन जब यह रकम राजपाल यादव ने नहीं चुकाई तो कोर्ट में उन्हें जेल भेज दिया।

पिछले 23 अप्रैल को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने चेक बाउंस केस में दोषी करार दिए गए बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव पर 1करोड़ 60 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था. कड़कड़डूमा कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की पत्नी राधा पर भी 10 लाख रुपये प्रति केस जुर्माना लगाया था, दोनों को चेक बाउंस से जुड़े सात मामलों में ये सजा सुनाई गई।

शिकायतकर्ता ने बताया

शिकायतकर्ता मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के वकील एस के शर्मा ने कोर्ट को बताया था कि राजपाल ने अप्रैल 2010 में फिल्म अता पता लापता पूरी करने के लिए कंपनी से मदद मांगी थी. 30 मई 2010 में दोनों के बीच करार हुआ और उन्होंने राजपाल यादव की कंपनी को 5 करोड़ का लोन दे दिया. करार के मुताबिक राजपाल को ब्याज सहित आठ करोड़ रुपए लौटाने थे, लेकिन वो पहली बार ये रकम नहीं लौटा सके. दोनों के बीच तीन बार करार का रिनिवल हुआ, 9 अगस्त 2012 को अंतिम करार में आरोपी राजपाल यादव ने शिकायतकर्ता को 11 करोड़ 10 लाख 60 हजार 350 रुपए लौटाने की सहमति दी थी. राजपाल यादव की कंपनी ये पैसा देने में भी नाकाम रही।

कोई उधार नहीं लिया-राजपाल
अपने बचाव में राजपाल यादव ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड से कोई उधार नहीं लिया था. राजपाल यादव के मुताबिक मुरली प्रोजेक्शन की कंपनी में पैसा निवेश किया था. लेकिन कोर्ट ने उनकी दलील को खारिज करते हुए उन्हें चेक बाउंस का दोषी पाया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

loading...