जयपुर डेयरी में बूथ माफिया सक्रिय

जयपुर @ मो. मुर्तुजा नियाज़ी। जयपुर सरस डेयरी के माध्यम से बेरोजगारों को रोजगार देने की व्यवस्था बड़े माफियाओं की मोटी इनकम का जरिया बन गई है। इसमें भी अलग-अलग तरह से माफिया पनप रहा है। राजधानी के अलग-अलग मुख्य मार्गों पर डेयरी बूथ दिलवाने के नाम पर डेयरी माफिया बेखौफ लाखों रुपए ऐंठ रहे हैं।

राजधानी में इन माफियाओं के दुस्साहस का आलम ये है कि अपनी आपसी साठगांठ सेकाम करवाने के लिए डेयरी दिलवाने और उसको स्थापित करवाने तक के लिए अच्छी खासी मोटी रकम वसूल कर लेते हंै। इस पूरे खेल में सरस के फॉर्म लेने से पुलिस के ट्रैफिक विभाग, नगर निगम और जेडीए से फाइल और नक्सा पास करवाने तक का सभी काम किया जाता है।

देखा जाए तो सरस डेयरी के नियमानुसार किसी जगह सरस डेयरी मौजूद है तो उसके 500 मीटर तक दूसरी डेयरी बूथ का आवंटन नहीं किया जा सकता है। लेकिन हकीकत कुछ और ही है।

महानगर की पड़ताल में शहर में ऐसे 100 से ज्यादा स्थान हैं जहां पर 500 मीटर तो क्या मात्र 20 फीट के मध्य में और आमने-सामने में एक साथ दो डेयरी बूथों का नियमन किया जा चुका है। यदि कोई आम आदमी डेयरी में फाइल लगाए तो लम्बे समय तक घूमने के बाद उसे नियमों का हवाला देकर लौटा दिया जाता है। आवंटन करवाने के बाद एजेंट डेयरी बूथ किराए पर देते हैं या उसका बेचान कर देते हैं। इतना ही नहीं अपनी सैटिंग के चलते डेयरी माफिया बूथ जो कि नियमों के बिल्कुल विपरीत है और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाते हैं।

 

हमारी जानकारी में ऐसा नहीं था, अभी आपसे मिली जानकारी के अनुसार इस पर पूरी जानकारी रखेंगे। शहर में मौजूद किसी बूथ पर ऐसा हुआ है तो उस बूथ को निरस्त कर दिया जाएगा। फिर भी हम हमारी जांच में देखेंगे कि ऐसा हो रहा है तो उसे रोकेंगे और पारदर्शिता बरतेंगे।

-अतुल शुक्ला, डिप्टी मैनेजर, सरस डेयरी

नियमों से हो रहा खिलवाड़
  • सरस डेयरी बूथ में सिगरेट, पान मसाला, गुटखे और नशे का सामान बेचा जा रहा है।
  • सरस डेयरी को नहीं मिलती पक्के निर्माण की अनुमति लेकिन कई जगह आरसीसी की छत डल चुकी है।
  • बिना एम्पावर्ड मीटिंग के ही अलॉट कर दी जाती है सरस डेयरी
  • डेयरी की निर्धारित जमीन से ज्यादा का कर लेते हैं कब्जा
लाखों की जमीन पर कब्जा

शहर में एक समय था जब सीमित सरस डेयरी के बूथ नजर आते थे लेकिन आज जहां भी नजर जाए सिर्फ डेयरी बूथ दिख जाएगा। जिसका आशय है कि नगर निगम, टै्रफिक विभाग और जेडीए के सभी जोन में एजेंट जयपुर की किसी भी गली, चौराहे या जगह पर डेयरी का आवंटन करवाने के लिए रकम वसूल करते हैं।

वैसे तो आमतौर पर शहर के व्यस्ततम मार्गों पर दुकान खरीदना और किराए पर लेना आज के दौर में बहुत बड़ी बात है। लेकिन उसी जगह यदि लाख रुपए देकर आपको निर्धारित जगह और जमीन देने की बात है तो सभी राजी हो जाते हैं। शहर में जितना वीआईपी इलाका होता है

उसकी कीमत उतनी ही ऊंची होती है। या यह मान सकते है कि शहर में आप पैसे देकर अपनी मनमानी जमीन पर डेयरी बूथ ले सकते हैं।

ओएलएक्स पर भी किराए से उपलब्ध

सरस डेयरी के नियमानुसार जिसको भी बूथ अलॉट किया गया है वह न तो उसको बेच सकता है, न किराए पर दे सकता है। जबकि शहर में मौजूद कई डेयरियों का बेचान एग्रीमेंट, डीड और पॉवर ऑफ अटॉर्नी को ट्रांसफर कर लाखों रुपए की मोटी कमाई भी की जा रही है। मुख्य मार्गों पर मौजूद डेयरी को किराए के लिए भी ओएलएक्स पर विज्ञापन डाला हुआ है। सही मायने में जो लोग बेरोजगार हैं उन्हें रोजगार के लिए अब भी चक्कर ही काटने पड़ रहे हैं।

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