जिओ का इंस्टीट्यूट का खुलने से पहले ही इसे उत्कृष्ठ संसथानो घोषित

नई दिल्ली: जैसा की कुछ ऐसा सुनने में आया है की जिओ का इंस्टीट्यूट खुलने वाला है जैसा की होता आए है कि कोई माना हुआ ब्रांड अगर किसी नए फिल्ड में जाता है तो उसे पहले से ही उत्कृष्ठ संस्थानों की लिस्ट में शामिल कर दिया जाता है जैसे  जिओ का  इंस्टीट्यूट का  खुलने से पहले ही इसे उत्कृष्ठ संसथानो घोषित कर दिया|

इस पर काफी विवाद भी उठ रहा है| उच्च शिक्षा विभाग के सचिव आर

सुब्रमण्यम ने कहा कि नियमों के तहत कुछ नए संस्थानों को भी लिस्ट में

शामिल किया जा सकता है. सचिव आर सुब्रमण्यम ने कहा कि जियो

इंस्टीट्यूट को ग्रीनफील्ड कैटिगरी के तहत चुना गया है. तीसरी कैटिगरी यानी

ग्रीनफील्ड के तहत नए संस्थानों को भी शामिल किया जा सकता है|इसका

नए संस्थानों को प्रोत्साहित कर विश्व स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना|

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सोमवार को छह विश्वविद्यालयों को उत्कृष्ट

संस्थान का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की थी. इनमें सार्वजनिक क्षेत्र के

संस्थानों में आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बंबई और आईआईएससी बेंगलोर

शामिल हैं|

जियो इंस्टीट्यूट को लेकर विवाद शुरू हो गया.पहले किसी ने जियो इंस्टीट्यूट

का नाम नहीं सुना था. गूगल सर्च में भी इसके बारे में किसी तरह का कोई

रिजल्ट नहीं मिल रहा था |

हमारे देश में 800 विश्वविद्यालय हैं लेकिन एक भी विश्वविद्यालय शीर्ष 100 या

200 की विश्व रैंकिंग में शामिल नहीं है.

इन संस्थानों के स्तर एवं गुणवत्ता को तेजी से बेहतर बनाने में मदद मिलेगी |

आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बंबई और आईआईएससी बेंगलोर के साथ

मनिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन, बिट्स पिलानी और जियो इंस्टीट्यूट

को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा मिलने पर केंद्रीय एचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर

ने बधाई दी थी | जिन संस्थानों को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा प्रदान किया गया

है, उन्हें अगले पांच वर्षो के दौरान 1000 करोड़ रुपए का सरकारी अनुदान

मिलेगा|

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