ड्यूटी पर तैनात प्रेग्नेंट महिला गार्ड की मौत, लगातार आठ घंटे से थी खड़ी

शिमला के रिपन हॉस्पिटल में एक आठ महीने की प्रेग्नेंट महिला सिक्यॉरिटी गार्ड की मौत हो गई।

महिला गार्ड का नाम पिंकी बताया जा रहा है जिसकी उम्र 25 साल है।

दरअसल आठ महीने की प्रेग्नेंट पिंकी को डॉक्टरों ने आराम करने की सलाह दी थी

लेकिन फिर भी वो रोज ड्यूटी पर आ रही थी। 6 जून को अचानक पिंकी की तबियत खराब हो गई जिसके बाद

उसे हॉस्पिलट में एडमिट करवाया गया जहां उसका गर्भपात हो गया।

गर्मपात के बाद महिला गार्ड की तबीयत बिगड़ी और ब्रेन हेमरेज हो गया।

हालत बिगड़ते देख पिंकी को पीजीआई में रेफर किया गया।

लेकिन आखिर में वो जिंदगी की जंग हार गई और 7 जून को उसकी मौत हो गई।

पिंकी के साथी सुरक्षाकर्मियों ने रिपन हॉस्पिटल और यहां तैनात सुपरवाइजरों को

उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। साथियों का आरोप है कि

डॉक्टर्स ने पिंकी को रेस्ट करने के लिए बोला था लेकिन इसके बावजूद सुपरवाइजर्स ने उसे छुट्टी नहीं दी

जिसके चलते अचानक एक दिन पिंकी की तबियत बिगड़ गई।

साथियों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
साथी महिला सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक उन्होंने भी असप्ताल प्रशासन और सिक्योरिटी इंचार्ज से इस बारे में बात की
लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पिंकी 8 घंटे लगातार खड़े रहकर ड्यूटी कर रही थी।
उसे बैठने की परमिशन भी नहीं मिलती थी और न ही आराम मिलता था।
6 हजार के वेतन के लिए सिक्योरिटी में तैनात कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा था।
अर्की की रहने वाली थी पिंकी

सिक्योरिटी गार्ड पिंकी शिमला के अर्की इलाके की रहने वाली थी।

बीते गुरुवार को उसे गंभीर हालत में रिपन से आईजीएमसी रैफर किया गया।

आईजीएमसी से उन्हें पीजीआई भेजा गया। यहां पर देर रात मौत हो गई।

वह अपने पीछे एक बच्ची को छोड़ गई है।
रिपन अस्पताल में करीब 11 महिला कर्मचारी सिक्योरिटी में तैनात हैं।
जो दिन के अलावा रात को भी सेवाएं देती हैं।
यहां 24 सुरक्षा कर्मी आउटसोर्स के तहत काम कर रहे हैं। इनमें 11 महिलाएं हैं।
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