तीनों राज्यों में कांग्रेस मुक्त भारत की ओर बढ़ रही भाजपा

त्रिपुरा, मेघालय और नगालैण्ड में कांग्रेस की हालत खस्ता

अगरतला/कोहिमा/शिलॉन्ग। सियासी जगत के धुरंधरों के साथ ही जनता के नैना भी मेघालय, त्रिपुरा और नगालैंड के चुनावी नतीजों पर टिके हुए हैं। तीनों राज्यों के चुनावी रुझान आना भी शुरू हो गए हैं। इन तीनों ही जगह के चुनावी रुझानों की बात की जाए तो भाजपा ने अपने वोट प्रतिशत में इजाफा किया है। साथ ही मेघालय को छोड़कर कांग्रेस के लिए कहीं से भी खुशखबर नहीं आ रही है। वहीं केरल के बाद वाममंथों का दूसरा गढ़ माने जाने वाले त्रिपुरा में भाजपा कड़ी टक्कर दे रही है। हालांकि, चुनावी नतीजे ही तय करेंगे, किस राज्य के सिंहासन पर कौन विराजमान होगा। तीनों ही राज्यों में विधानसभा की कुल 60 सीट हैं, जिनमें सरकार बनाने के लिए 31 का आंकड़े की जरूरत होगी। हालांकि, मेघालय में एक सीट पर प्रत्याशी के निधन के चलते मेघालय में 59 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। महानगर टाइम्स आपके लिए लेकर आया है तीनों राज्यों के अभी तक के चुनावी रुझान।

त्रिपुरा में सत्ता के करीब भाजपा

त्रिपुरा में अभी तक 59 सीटों के रुझान आ गए हैं। पहले जहां लेफ्ट 31 सीटों पर बढ़त के साथ बहुमत के करीब दिख रही थी। वहीं समय बीतने के साथ भाजपा आगे आ गई है। भाजपा 32 सीटों पर बढ़त हासिल कर चुकी है। वहीं लेफ्ट 26 सीटों पर आगे है। एक सीट पर अन्य आगे है। 60 सीटों वाले इस राज्य में बहुमत का आंकड़ा 31 है। यदि यह रुझान नतीजों में तब्दील होते हैं तो सीपीएम को 25 साल बाद से सत्ता से बेदखल होना पड़ेगा। सीपीएम के सीएम माणिक सरकार अपनी धनपुर सीट पर 1682 वोटों से आगे चल रहे हैं। बाधरघाट से बीजेपी के दिलीप सरकार आगे चल रहे हैं।

नगालैंड में खिल सकता है कमल

पूर्वोत्तर भारत के राज्य नगालैंड में शुरुआती रुझानों में 29 सीटों पर बीजेपी गठबंधन सबसे आगे चल रही है। वहीं 26 सीटों पर एनपीएफ गठबंधन बढ़त बनाए हुए है। सबसे बुरी हालत कांग्रेस की है, जो सिर्फ एक सीट पर आगे चल रही है। अन्य उम्मीदवार तीन सीटों पर आगे हैं। राज्य में फिलहाल नगालैंड पीपल्स फ्रंट (एनपीएफ) की सरकार है। बीजेपी पहले एनपीएफ के साथ ही थी लेकिन चुनाव से पहले बीजेपी ने एनपीएफ से गठबंधन खत्म करते हुए एनडीपीपी का हाथ थाम लिया। 60 में से 40 सीटों पर एनडीपीपी तो 20 पर बीजेपी चुनाव लड़ रही है। खास बात यह है कि गठबंधन टूट जाने के बावजूद एनपीएफ बीजेपी से फिर से हाथ मिलाने को तैयार दिख रही है।

मेघालय में भाजपा कर सकती है उलटफेर

वहीं मेघालय में 59 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है। अब तक मिले नतीजों में एनपीपी कांग्रेस को कड़ी टक्कर दे रही है। रुझानों के मुताबिक 25 सीटों पर कांग्रेस, 14 पर एनपीपी, 5 सीटों पर भाजपा, 10 सीटों पर यूडीपी गठबंधन और 5 पर अन्य आगे चल रहे हैं। मेघालय में कांग्रेस और एनपीपी में कड़ी टक्कर है और किसी भी एक दल को बहुमत मिलना मुश्किल दिख रहा है। ऐसे में अभी से ही वहां सियासी उठापटक का खेल शुरू हो गया है। बीजेपी, कांग्रेस और एनपीपी के नेताओं ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस के अहम रणनीतिकार और सोनिया गांधी के भरोसेमंद अहमद पटेल दो अन्य बड़े नेताओं के साथ मेघालय के लिए रवाना हो चुके हैं। मेघालय में पिछले 9 साल से कांग्रेस की ही सरकार है। ऐसे में इस किला को बचाने के लिए कांग्रेस हरसंभव जतन कर रही है। वहीं, मेघालय में पहली बार कमल खिलाने की कोशिश कर रही बीजेपी भी दबे पांव चाल चल रही है। बताया जा रहा है कि बीजेपी मेघालय में दिवंगत संगमा की पार्टी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) से बातचीत कर रही है। चर्चा है कि नतीजे साफ होने के बाद बीजेपी और एनपीपी हाथ मिला सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

loading...