तोगाडिय़ा ने संतो की पारणा करते हुए उपवास तोड़ा 

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अहमदाबाद। राममंदिर निर्माण को लेकर विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण तोगडिय़ा के तीखे तेवर लगातार नजर आ रहे हैं। इसी तेवर को लेकर में मंगलवार से शहर के पालडी स्थित विहिप मुख्यालय- वणिकर भवन के बाहर अनशन पर बैठे थे। आखिरकार गुरूवार को उन्होने अपना अनिश्चित कालीन उपवास तोड़ दिया।
अनशन के दौरान तोगडिय़ा ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि सीमाओं पर सैनिक सुरक्षित नहीं हैं। किसान खुदकुशी कर रहे हैं। हमारी बेटियां हमारे घरों में सुरक्षित नहीं हैं और प्रधानमंत्री विदेश घूम रहे हैं। तोगडिय़ा को उनके उपवास पर समर्थन देने के लिए शिवसेना के 20 सदस्यों का शिष्टमंडल गुजरात पहुंचा था। बुधवार को ही तोगडिय़ा के समर्थकों ने दावा किया था कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने तोगडिय़ा को समर्थन देने की घोषणा की है।
 अनशन के दौरान उनकी तबियत खराब होने लगी थी। मधुमेह एवं रक्तचाप से पीडि़त होने के कारण वे दिनभर लेटे रहे। इस दौरान संत अखिलेश्वर दास सहित बड़ी संख्या में संत विहिप के पदाधिकारी कौशिक मेहता,रणछोड़ भरवाड़ व समर्थक मौजूद रहें। तोगडिय़ा ने संतो की पारणा करते हुए अनशन तोड़ा। उनका कहना है कि अनशन उन्होंने साधु-संतों की सलाह पर तोड़ा है। तोगडिय़ा ने कहा कि वह अब हिंदुओं के हित के लिए भारत भ्रमण करेंगे। इस दौरान वह राम मंदिर, गोतस्करी, समान नागरिक संहिता, कश्मीरी हिंदुओं और बांग्लादेशी प्रवासियों के पुनर्वास का मुददा उठाएंगे।

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