थाई गुफा से सुरक्षित निकाले सभी लड़के, बचावकर्ताओं ने बताया चमत्कार

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थाईलैंड। आखिकार उत्तर थाईलैंड के चियांग राय में स्थित थम लुयांग गुफा में फंसे जूनियर फुटबॉल टीम के बारह लड़कों और एक उनके कोच को बाहर निकाल लिया गया। इन सभी लोगों का अस्पताल में उपचार जारी है।
इस मिशन को पूरा करने में थाईलैंड की नौ-सेना के सील जवानों ने भी अहम भूमिका निभाई। मिशन पूरा होने के कुछ क्षण बाद सील जवानों ने फेसबुक पेज पर लिखा कि हमें यकीन नहीं है कि यह एक चमत्कार है, विज्ञान है या फिर कुछ और। यह इतिहास का सबसे बड़ा और जटिल बचाव अभियान है।

अस्पताल में भर्ती हैं सभी

12 लड़कों में से 8 लड़कों को रविवार और सोमवार को लाया गया था। इसके बाद मंगलवार को शेष चार लड़के, उनके

कोच, इनके साथ रह रहे चिकित्सक और सील जवान को भी बाहर लाया गया। इन सभी को अस्पताल में भर्ती कराया

गया है। चिकित्सकों को अंदेशा है कि इतने दिनों तक गुफा में इन्होंने प्रदूषित पानी पिया था। साथ ही यह पानी पक्षी और

चमगादड़ के कारण भी प्रदूषित हो सकता है।

ऐसे में इन्हें संक्रमण ना हो, इसलिए एहतियातन इन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है।

करीब सात दिनों तक सभी अस्पताल में रहेंगे।

हालांकि, दो लड़कों को फेफड़ों में संक्रमण के संदेह के चलते उनकी जांच की जा रही है।

खत्म हो गई परीक्षा

इस बारे में चिनाय राय के गवर्नर नारोगसाक ओसातनकॉर्न ने कहा कि अब कई दिनों की परीक्षा खत्म हो गई है।

हम खुश है कि सभी लड़के सुरक्षित हैं।

उन्होंने बचाव अभियान में शामिल सभी लोगों का तहेदिल से शुक्रिया अदा किया।

ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे गोताखोर ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं।

मैं हर किसी का धन्यवाद नहीं कर सकता हूं।

इनकी भी अहम भूमिका

इस अभियान के दौरान बचाव कार्यकर्ताओं के लिए भोजन और जरूरी आवश्यकताएं प्रदान करने में अहम् भूमिका निभाने

वाले पेप मैमिंग ने कहा कि यह वास्तव में एक चमत्कार है।

यह आशा और विश्वास है, जिससे हमने यह सफलता पाई है।

इस पूरे बचाव अभियान में ब्रिटिश गोताखोरों ने अहम् भूमिका निभाई।

ब्रिटिश गोताखोरों की वजह से संभव हुआ मिशन इंपासिबल

थाईलैंड के अधिकारियों का कहना है कि ब्रिटिश गोताखोर दुनिया में सबसे अच्छे हैं।

थाईलैंड में स्थितियां चरम थीं।

उन्होंने कहा कि यदि कोई भी इस कार्य को सफलतापूर्वक कर सकता है तो वह सिर्फ

ब्रिटिश गोताखोरों की ही टीम हो सकती है।

इस बचाव अभियान की चर्चा पूरे अंतरराष्ट्रीय जगत में हुई।

दुनिया के अग्रणी गोताखोर इस अभियान में शामिल हुए।

यह इतिहास में सबसे बड़ा और जटिल अभियान था।

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