थानेदार ने की दबंगई!

महानगर संवाददाता छेड़छाड़ की शिकायत करने पहुंचे परिजनों को हवालात में किया बंद!
अलवर। जिले के खेड़ली थानाधिकारी की दबंगई सामने आई है। यहां 10वीं कक्षा में पढऩे वाली एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ तीन युवकों ने बदसलूकी करते हुए अगवा करने की कोशिश की थी। लड़की के चिल्लाने के बाद ग्रामीणों ने तीनों को दबोच लिया था लेकिन जब उन्हें थाने लेकर पहुंचे तो शिकायत करने वालों को ही हवालात में बंद कर दिया गया।
यही नहीं थानाधिकारी पर पीडि़ता के परिजनों को फर्जी केस में बंद करने की धमकी देने और तीनों लड़कों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं करवाने की लिखित में सहमति लेने के आरोप लगे हैं। मुकदमा दर्ज नहीं करवाने की बात लिखवाने के बाद ही पीडि़ता के परिजनों को खेड़ली के एक व्यवसायी की जमानत पर छोड़ा गया।
पीडि़ता की ओर से दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया है कि नाबालिगपीडि़ता अलवर के सलेमपुर की रहने वाली है, जहां उसकी हरकतों से तंग आकर खेड़ली थाना क्षेत्र के डोरौली गांव अपनी बुआ के यहां आकर 10वीं की पढ़ाई कर रही थी। पिछले कुछ दिन से तीनों युवक बाइक से उसको परेशान कर रहे थे। इसके बाद 23 जुलाई को करीब साढ़े 11 बजे जब पीडि़ता अपनी बुआ के पुराने मकान से नए मकान पर जा रही थी तब घात लगाकर बैठे पंकज, सोहनसिंह और गौरव ने नाबालिग को पकड़ लिया और गौरव गाड़ी चला रहा था जबकि पंकज और सोहनसिंह ने उसको पकड़ लिया और उसका मुंह बंद कर दिया। सोहनसिंह ने उसके निजी अंग दबा दिए और जबरन गाड़ी पर बैठा कर ले जाने लगे तो वह चिल्लाई। इस पर आसपास के गांव के लोग एकत्रित हो गए। तीनों आरोपियों को पकड़ लिया और उनके पास मौजूद बाइक सहित खेड़ली थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया। इसके बाद थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने गए तो उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई और लड़की के परिजनों को थाने में बंद कर दिया।
पीडि़त परिवार के अनुसार थानाधिकारी ने उन्हें कहा कि लड़की को वापस उसके गांव सलेमपुर छोड़ आओ अन्यथा तुम्हारे खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दूंगा। इसके बाद लिखित में शिकायत नहीं देने की बात को लेकर उन्हें खेड़ली के व्यवसायी की जमानत पर थाने से छोड़ा गया। इसके बाद एसपी से शिकायत के बाद उनकी रिपोर्ट तो दर्ज हो गई। लेकिन इसकी जांच खुद थानाधिकारी उमेश बेनीवाल कर रहे हैं। इसलिए पीडि़ता के परिजनों को अब भी न्याय की उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है। थानाधिकारी खुद कानून की रक्षा करने के बजाय कानून के भक्षक बन कर तीनों आरोपियों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर छोड़ दिया। इस मामले की शिकायत पीडि़त परिवार के द्वारा पुलिस अधीक्षक अलवर राजेन्द्र सिंह से की गई। उसके बाद पीडि़ता की ओर से तीनों आरोपियों पंकज, सोहन सिंह और गौरव निवासी सलेमपुर के खिलाफ 363, 366, 511, 354, 509, 120बी आईपीसी और 9(जी)/10, 11/12, 16/17 पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच खुद थानाधिकारी उमेश बेनीवाल कर रहे हैं। जिन पर पीडि़ता के परिजनों को धमकाने और जबरन उन्हें हवालात में बंद करने का आरोप है। ऐसे में पीडि़ता को न्याय की उम्मीद नहीं है। आरोपी मोहनसिंह का भाई विष्णु खेड़ली थाने में कांस्टेबल के पद पर तैनात है। इसलिए पुलिस अभी भी उन्हें जबरन राजीनामा का दबाव बना रही है।

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