थोड़ी सी फीकी रह गई रिया चक्रवर्ती और वरुण मित्रा की ‘जलेबी’

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महेश भट्ट और मुकेश भट्ट जब भी कोई फिल्म लेकर आते हैं तो यह उम्मीद हर दर्शक को रहती है कि इसका म्यूजिक उनका दिल जीत लेगा। आज रिलीज हुई विशेष फिल्म्स की ‘जलेबी’ से भी हर किसी को ऐसी ही उम्मीदें हैं। म्यूजिक के अलावा फिल्म के ट्रेलर से दर्शकों को ऐसा लगा था कि डायरेक्टर पुष्पदीप भारद्वाज की ‘जलेबी’ उन्हें पुरानी दिल्ली की एक यादगार कहानी सुनाकर जाएगी लेकिन क्या यह फिल्म ऐसा करने में कामयाब रही है, आइये जानते हैं…

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फिल्म की कहानी:

फिल्म ‘जलेबी’ की कहानी जाने-माने शायद साहिर लुधियानवी के मशहूर शेर ‘वो अफसाना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन, उसे एक खूबसूरत मोड़ देकर छोड़ देना चाहिए’ से प्रेरित है। डायरेक्टर पुष्पदीप जब फिल्म ‘जलेबी’ की कहानी लिख रहे होंगे तो उन्हें साहिर के इस विचार ने उत्साहित किया होगा, जिसमें उन्होंने आज की जनरेशन का तड़का लगाकर दर्शकों के सामने पेश करने का फैसला लिया होगा लेकिन हर खूबसूरत ख्याल पर्दे पर भी खूबसूरत नजर आए, ऐसा जरूरी नहीं है। फिल्म ‘जलेबी’ के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है।Image result for jalebi movie

‘जलेबी’ की कहानी देव (वरुण मित्रा) और आइशा (रिया चक्रवर्ती) नाम के दो लोगों की है। देव पीएचडी होल्डर है लेकिन उसने किसी कॉलेज में नौकरी नहीं की क्योंकि उसे पुरानी दिल्ली से प्यार है। बचपन से ही यहां की गलियां उसकी अपनी बन गई थीं और यहां के मोड़ों से उसकी दोस्ती हो गई थी। वो अब बाहर से आने वाले सैलानियों को पुरानी दिल्ली के दर्शन कराता है और खुश रहता है।

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एक दिन उसकी जिंदगी में आइशा नाम की सैलानी आती है, जो पेशे से एक राइटर है। आइशा को देव से इश्क हो जाता है और दोनों शादी करने का फैसला करते हैं। दोनों को लगता है कि इनका इश्क जन्मों-जन्मों वाला है लेकिन ऐसा होता नहीं है। दोनों के बीच बहुत ही जल्द टकराव की स्थिति पैदा हो जाती है। जहां देव पुरानी दिल्ली को अपने जिगर से दूर नहीं करना चाहता है और वहीं आइशा पुरानी दिल्ली की तंग गलियों में घुटन महसूस करती है। उसे देव के घर पर एक पिंजड़े में बंद पक्षी जैसा महसूस होता है और फिर दोनों अलग होने का फैसला करते हैं।Image result for jalebi movie

इसके बाद इन दोनों की मुलाकात सालों बाद एक ट्रेन में होती है। जिसमें देव अपनी पत्नी और बेटी के साथ सफर कर रहा है, आइशा आज भी अकेली ही है। ये सफर इन दोनों की जिंदगी का सबसे यादगार सफर बनकर उभरता है। इसमें दोनों की कई सारी गलतफहमियां दूर होती हैं और फिर दोनों अपनी प्रेमकहानी को एक खूबसूरत मोड़ देकर आगे बढ़ जाते हैं। अब इस सफर में ऐसा क्या होता है और दोनों के चेहरों पर फिर से मुस्कुराहट कैसे आती है… यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

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कलाकारों की अदाकारी:

फिल्म ‘जलेबी’ में यूं तो कई सारे कलाकार हैं लेकिन इसका ज्यादातर हिस्सा रिया चक्रवर्ती, वरुण मित्रा और दिगांगना सूर्यवंशी के आसपास ही घूमता नजर आता है। जहां रिया और वरुण प्रेमीयुगल के रूप में नजर आए हैं, वहीं दिगांगना ने वरुण की पत्नी का किरदार निभाया है।Image result for jalebi movie

इन तीनों ही कलाकारों के पास अच्छा-खासा स्क्रीन टाइम है लेकिन परफॉर्म करने के लिए कुछ भी नहीं है। फिल्म ‘जलेबी’ की कहानी इतनी कमजोर है कि इसके सीन्स अच्छी तरह से नहीं गढ़े जा सके हैं। जब फिल्म की सीन ही अच्छे नहीं हैं तो कलाकारों से बेहतरीन परफॉर्मेंस की उम्मीद लगाना बेईमानी है। हालांकि हम इतना जरूर कहना चाहेंगे कि वरुण मित्रा, रिया चक्रवर्ती और दिगांगना सूर्यवंशी अपनी तरफ से जितनी कोशिश कर सकते थे, इन्होंने की है लेकिन खराब स्क्रिप्ट की वजह से इनकी कोशिशों पर पानी फिर गया है।

फिल्म का डायरेक्शन:

पुष्पदीप भारद्वाज ने जब अपनी फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया था, तब ऐसा लग रहा था कि इसमें कई सारी ट्विस्ट एंड टर्न्स होंगे, जो दर्शकों को रोमांचित कर देंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। पुष्पदीप कई सारी चीजें एक साथ परोसने के चक्कर में मात खा गए हैं। वो एक खूबसूरत कहानी कहना चाहते थे, जिसमें मॉर्डर्निटी झलकती हो लेकिन वो दोनों ही कामों में नाकामयाब रहे हैं। न तो वो साहिर के खूबसूरत विचार को दर्शकों के सामने ठीक से पेश कर पाए हैं और न ही वो युवाओं की सोच को पर्दे पर ठीक तरह से उतार पाए हैं।

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फिल्म का म्यूजिक:

फिल्म ‘जलेबी’ अगर किसी चीज के लिए देखी जा सकती है तो वो केवल इसका म्यूजिक है। विशेष फिल्म्स प्रोडक्शन हमेशा अच्छे गानों के लिए लोगों के बीच मशहूर रहा और फिल्म ‘जलेबी’ ने उस सिलसिले को आगे बढ़ाया है। ‘पल’, ‘तुम से’ और ‘मेरा प्यार-तेरा प्यार’ फिल्म के कुछ ऐसे गाने हैं, जो दर्शकों की जुबान पर चढ़ सकते हैं।Image result for jalebi movie

आखिरी फैसला:

फिल्म ‘जलेबी’ ने दर्शकों से जिस कहानी का वादा किया था वो पूरा करने में पुष्पदीप भारद्वाज की फिल्म नाकामयाब रही है। फिल्म का संगीत अच्छा है, जो पहले से ही दर्शकों के बीच पसंद किया जा रहा है।

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