दिल्ली को चैंपियन बनाने का किया था दावा, बीच टूर्नामेंट में छोड़ी कप्तानी

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आईपीएल 2018 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद गौतम गंभीर ने दिल्ली डेयरडेविल्स की कप्तानी छोड़ दी है. गंभीर की जगह मुंबई के युवा बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को दिल्ली की कप्तानी सौंपी गई है, लेकिन गंभीर टीम का हिस्सा बने रहेंगे.

गौतम गंभीर ने दिल्ली डेयरडेविल्स की कप्तानी छोड़ने पर कहा कि यह मेरा निर्णय था. ‘मैंने टीम के लिए पर्याप्त योगदान नहीं दिया है. कप्तान होने के नाते मुझे जिम्मेदारी लेनी थी. मुझे लगता है कि यह सही समय था.’

गंभीर ने कहा, ‘मैं कप्तानी का दबाव नहीं झेल पा रहा था, इसलिए कप्तानी छोड़ने का फैसला किया. यह मेरा अपना फैसला है. फ्रेंचाइजी का कोई दबाव मुझ पर नहीं है. मैंने अपने इस फैसले के बार में अपनी पत्नी से भी बात की थी.’

गंभीर ने कहा , ‘मैंने अकेले में इस पर गहन विचार किया. मैं दबाव नहीं झेल पा रहा हूं. मैं इसके लिए बहुत अच्छी स्थिति में नहीं हूं.’ इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में फ्रेंचाइजी के सीईओ हेमंत दुआ और कोच रिकी पोंटिंग भी उपस्थित थे.

टीम के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए गंभीर ने लिया फैसला

गंभीर ने कहा, ‘अभी अंकतालिका में टीम जहां पर है, एक कप्तान के तौर पर मैं उसकी पूरी जिम्मेदारी लेता हूं. टीम के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए मैंने कप्तानी छोड़ने का फैसला लिया है. मेरी जगह श्रेयस अय्यर टीम के कप्तान होंगे. फ्रेंचाइजी को भी लगता है कि वह इस पद के लिए सही शख्स हैं. हमें अभी भी लगता है कि हम स्थिति को बदल सकते हैं. हमे अभी भी आठ में से सात मैच जीतने हैं, जो मुमकिन है. हममें इसकी काबिलियत है.’

गंभीर ने कहा, ‘यह पूरी तरह से मेरा फैसला है. मैंने कल डेयरडेविल्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत दुआ से बात की थी और इस बात की जानकारी दी थी. मुझे लगता है कि यह फैसला लेने का यह सही समय है, क्योंकि अभी भी हम टूर्नामेंट में बचे हुए हैं

गौतम दो बार कोलकाता नाइट राइडर्स को आईपीएल का खिताब दिला कर लौटे थे, लेकिन वह कोलकाता की सफलता को दिल्ली में जारी नहीं रख सके. बता दें कि इससे पहले गौतम गंभीर ने कहा था कि वह कोलकाता नाइट राइडर्स की तरह दिल्ली डेयरडेविल्स को आईपीएल का खिताब जीता कर संन्यास ले लेंगे.

दिल्ली की एक के बाद एक हार का झटका उनके लिए काफी भारी पड़ा और उन्होंने कप्तानी छोड़ने का फैसला किया. दिल्ली ने गंभीर की कप्तानी में छह मैच खेले जिसमें से पांच में उसे हार मिली.

गौरतलब है कि अब तक खेले गए 6 मैचों में दिल्ली डेयरडेविल्स को 5 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है और वह पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे है. इस सीजन दिल्ली के लिए गंभीर का प्रदर्शन भी अच्छा नहीं रहा है.

उन्होंने पांच पारियों में केवल 85 रन बनाए हैं, जिसमें किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ पहले मैच में खेली गई 55 रन की पारी भी शामिल है. वह पिछली चार पारियों में दोहरे अंक में पहुंचने में नाकाम रहे.

दूसरी तरफ 23 वर्षीय अय्यर ने शीर्ष क्रम में अच्छा प्रदर्शन किया है. उन्होंने पिछले दोनों मैचों में अर्धशतक जमाए लेकिन इनमें टीम को हार का सामना करना पड़ा. गौतम गंभीर इससे पहले 2008, 2009 और 2010 में दिल्ली टीम के साथ खिलाड़ी के तौर पर जुड़े थे. 2008 में वह सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने. उन्होंने 534 रन बनाए थे.

इस साल जनवरी में आईपीएल में खिलाड़ियों की नीलामी में दिल्ली की टीम ने गंभीर को 2.8 करोड़ रुपये में खरीदा था. कोलकाता नाइटराइडर्स ने 2012 और 2014 में गंभीर की कप्तानी में आईपीएल का खिताब भी जीता था.

 

दिल्ली के कोच और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग और फ्रेंचाइजी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत दुआ ने गंभीर का समर्थन किया है. पोंटिग ने कहा, ‘मैं गंभीर की बात का पूरा समर्थन करता हूं. इस तरह का फैसला लेना हर किसी के लिए मुश्किल होता है. प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है और ऐसे में उन्हें लगता है कि टीम के पास अगर कोई है, जो उसे आगे ले जा सकता है तो यह अच्छी बात है. मैं टीम को आगे रखने के लिए गंभीर को धन्यवाद देता हूं. मैं पूरी तरह से अय्यर का कप्तान के तौर पर समर्थन करता हूं. वो शानदार युवा खिलाड़ी हैं. मैं खेल में उनका अच्छा भविष्य देखता हूं.’

हेमंत ने कहा, ‘यह फैसला गंभीर का है और हम इसका पूरा समर्थन करते हैं. वह टीम को जीत दिलाने के लिए बेहद जुनूनी हैं. मैं फ्रेंचाइजी की तरफ से कह सकता हूं कि भारत में इस तरह के उदाहरण देखने को कम मिलते हैं. यह बड़ा फैसला है. यह बाकी खिलाड़ियों के लिए संदेश है कि उन्होंने अपने से पहले टीम को रखा. गंभीर टीम के साथ रहेंगे और अय्यर का समर्थन करेंगे. पोटिंग और गंभीर के रहते हुए अय्यर में निखार आएगा.

टीम के नए कप्तान अय्यर ने कहा, ‘मैं टीम प्रबंधन, प्रशिक्षकों और गंभीर भाई का मुझे पर भरोसा जताने के लिए धन्यवाद देता हूं. मेरे लिए दिल्ली की कप्तानी करना गर्व की बात है. मैं मानता हूं कि टीम में इस टूर्नामेंट को जीतने के लिए काफी प्रतिभा है. हममें से कई लोग मानते हैं कि हम अभी भी काफी कुछ कर सकते हैं. इस समय मेरे दिमाग में कुछ भी नकारात्मक ख्याल नहीं आ रहे हैं.’

इससे पहले कोलकाता नाइट राइडर्स ने 36 साल के गौतम गंभीर को बाहर का रास्ता दिखाया था. 2011 में केकेआर ने गंभीर को कप्तान बनाया था. तब केकेआर ने रिकॉर्ड 11.04 करोड़ में उन्हें खरीदा था. उस साल केकेआर ‘टीम पहली बार आईपीएल में चौथे स्थान पर रही. अगले ही साल 2012 में गंभीर की कप्तानी में केकेआर की टीम पहली बार आईपीएल चैंपियन बनी. गंभीर को 2014 में रिटेन किया गया और केकेआर ने दूसरी बार खिताब पर कब्जा किया था.

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