दो दिन की नवजात की जटिल हार्ट सर्जरी कर बचाई जान

महानगर संवाददाता जयपुर। दिल की कई बीमारियां ऐसी होती हैं जिनका उपचार काफी कठिन होता है। वयस्क इंसान के लिए यह उपचार जितना मुश्किल होता है

उससे कई गुना ज्यादा खतरा छोटे व नवजात बच्चों को होता है।

बात सिर्फ दो दिन की नवजात की हो तो उसकी हार्ट सर्जरी करना एक बड़ी चुनौती और जोखिम भरा होता है।

लेकिन जयपुर के नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के कार्डियक एक्सपट्र्स ने इस बच्ची की सफल सर्जरी कर उसे नया जीवन दिया है।

इतनी कम उम्र की बच्ची की इस तरह की जटिल सर्जरी को डॉक्टरों ने राज्य में पहला मामला बताया है। खास बात यह है

कि जिस डॉक्टर ने मां की जन्मजात हार्ट विकृति को ठीक कर नया जीवन दिया उसी ने उसकी बच्ची की बीमारी का भी सफल उपचार किया।

जन्मजात सीओए विकृति से पीडि़त

नवजात को आर्कटेशन ऑफ ओर्टा सीओ नामक गंभीर ह्रदय की बीमारी थी।

इस बीमारी में नवजात शिशु की महाधमनी का एक भाग काफी सिकुड़ा हुआ होता है

जो शरीर के रक्त प्रवाह को बाधित कर देता है।

यह स्थिति शिशु की मौत का कारण भी बन सकती है।

वहीं बच्ची की ईको जांच में सीओए बीमारी की पुष्टि हो गई।

महाधमनी के संकुचित होने से शरीर के निचले हिस्से में सामान्य रक्त प्रवाह में रुकावट आ रही थी।

इस कारण लिवर, गुर्दे जैसे अंगों में ब्लड सप्लाई में कमी आ रही थी। इसलिए बच्ची की जान बचाने के लिए

जन्म के कुछ घंटों बाद ही जटिल और अत्यधिक जोखिमभरी सर्जरी करना जरूरी हो गया था।

नारायणा हॉस्पिटल के कार्डियक सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. सीपी श्रीवास्तव, पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी के

डॉ. प्रशांत महावर, एनेस्थेसिया के एचओडी डॉ. प्रदीप गोयल की टीम ने बच्ची का इलाज व सर्जरी कर जान

बचाने में सफलता प्राप्त की। नवजात को यह जन्मजात विकृति होने की संभावना की जानकारी तब

लगी जब मां ने प्रसव पूर्व अपनी फीटल ईको जांच कराई।

इसी को ध्यान में रखते हुए बच्ची के जन्म के कुछ समय बाद ही नारायणा

हॉस्पिटल में ईको जांच कराई तो उसमें यह बीमारी होने की पुष्टि हो गई।

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