नहीं होते बंगाल-पाक, एक होता हिन्दुस्तान

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नई दिल्ली। अपने बयानों से सुर्खियां बटोरने वाले जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला ने भारत विभाजन पर कुछ ऐसा कहा है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल हो गई है। नेशनल कांफ्रेंस के नेता ने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के जिम्मेदार जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभ भाई पटेल हैं। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना पाकिस्तान बनाने के इच्छुक ही नहीं थे। उन्होंने कहा कि कमीशन आया, जिसमें निर्णय किया गया कि हिन्दुस्तान का बंटवारा नहीं करेंगे। हम मुसलमानों के लिए विशेष प्रतिनिधित्व रखेंगे। सिखों और अल्पसंख्यकों को विशेष प्रतिनिधित्व देंगे, लेकिन मुल्क का बंटवार नहीं करेंगे।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने कहा कि जिन्ना ने इसे मान लिया…लेकिन, जवाहरलाल नेहरू, मौलाना आजाद और सरदार पटेल ने इसे नहीं स्वीकार किया। जब जिन्ना की मांग को स्वीकार नहीं किया गया तो उसके बाद उन्होंने पाकिस्तान बनाने की मांग की गई। अब्दुल्ला ने कहा कि अगर उस समय मांगें मान ली गई होतीं तो ऐसा मुल्क कहीं नहीं होता। बंटवारे के लिए नेहरू, पटेल और मौलाना आजाद जैसे नेताओं को जिम्मेदार बताते हुए फारूक ने कहा कि जिन्ना के प्रस्ताव को तभी मान लिया होता, तो आज कोई बांग्लादेश, पाकिस्तान नहीं होता, बल्कि एक हिन्दुस्तान होता।

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