निजी अस्पतालों में ओपीडी रहे बंद, इमरजेंसी सेवाएं चलीं

महानगर संवाददाता
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी बंद का समर्थन
नेशनल मेडिकल कमीशन बिल का जताया विरोध
जयपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर जयपुर मेडिकल एसोसिएशन ने भी बंद के समर्थन की घोषणा की। मेडिकल प्रेक्टिशनर सोसाइटी और प्राइवेट हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम सोसाइटी ने भी इसका समर्थन किया। इस क्रम में शनिवार को निजी अस्पतालों ने अपने संस्थान सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रखे । इस दौरान निजी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं चालू रखी गईं। आईएमए के सचिव नरेश कुमार सोनी ने बताया कि बंद के माध्यम से एनएमसी यानि नेशनल मेडिकल कमीशन बिल में आवश्यक संशोधन की मांग की जा रही है। राष्ट्रव्यापी हड़ताल में जयपुर में सभी निजी अस्पताल शनिवार को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रहे। इस दौरान इमरजेंसी सेवाओं को चालू रखा गया ताकि निजी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को इलाज के दौरान किसी प्रकार परेशानी नहीं हो। आईएमए के सदस्यों ने बंद के पूर्णत: सफ ल होने का दावा किया।
जेएमए में सुबह हुई बैठक
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव नरेश सोनी ने बताया कि एमएनसी बिल के विरोध में यह राष्ट्रव्यापी बंद था। जो कि राजधानी में भी सफल रहा। इस क्रम में शनिवार को लगभग 400 निजी अस्पताल शहर में बंद रहे। लेकिन निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों और इमरजेंसी सेवाओं को इस बंद से दूर रखा गया ताकि इलाज के दौरान मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। संस्थानों को बंद रखकर एनएमसी बिल का विरोध जताया गया। इसके पहले इंडियन मेडिकल कौंसिल की जयपुर की एक बैठक का आयोजन जेएमए सभागार में सुबह किया गया। जिसमें एनएमसी बिल के विरोध पर चर्चा की गई। यह सांकेतिक विरोध प्रदर्शन था ।
रेजीडेंट चिकित्सकों ने कालीपट्टी बांधकर जताया विरोध
मध्यप्रदेश में जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों की मांगों को लेकर राजस्थान के जार्ड एसोसिएशन में आक्रोश छाया हुआ है। इस क्रम में शनिवार को राजधानी के जार्ड एसोसिएशन के सदस्यों ने काली पट्टी बांध कर अपना विरोध प्रदर्शन किया। राजस्थान जार्ड एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि मध्यप्रदेश सरकार रेजीडेंट चिकित्सकों पर जो दमनात्मक कार्रवाई कर रही है, उसका राजस्थान के जार्ड एसोसिएशन के सदस्य उसका घोर विरोध करते हैं। साथ ही मध्यप्रदेश सरकार से रेजीडेंट चिकित्सकों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई को वापस लेने की मांग करते हैं। जार्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रवि जाखड़ ने बताया कि यदि जल्दी मध्यप्रदेश सरकार रेजीडेंट पर हो रही दमनात्मक कार्रवाई को बंद नहीं करती तो राजस्थान के जार्ड एसोसिएशन के रेजीडेंट इसका विरोध करेंगे और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इस क्रम में रेजीडेंट चिकित्सकों ने अस्पतालों में काली पट्टी बांधकर सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया ।

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